फतेहाबाद। समाधान शिविर के दौरान गांव बनावाली और बैजलपुर में मनरेगा को लेकर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में जिला परिषद के सीईओ सुरेश कुमार ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है। मनरेगा के कार्यों पर पैनी नजर रखने के लिए सीईओ की ओर से 30 अप्रैल को ग्राम सचिवों की बैठक रखी गई है। इसमें पूरे जिले के ग्राम सचिव भाग लेंगे।
सीईओ सुरेश कुमार ने बताया कि प्रशासन के पास समाधान शिविर में गांव बनावाली और बैजलपुर में मनरेगा में भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करके इसकी जांच शुरू कर दी गई है। इस कमेटी में डिप्टी सीईओ, ब्लाक पंचायत अधिकारी नागपुर और प्रोग्राम अधिकारी मनरेगा को शामिल किया गया है। कमेटी इस मामले में गांव में जाकर जांच करेगी और जांच रिपोर्ट सीईओ को देगी।
ये है मामला
गांव बैजलपुर और बनावाली में दो अलग-अलग शिकायतकर्ताओं की ओर से गांवोंं के लोगों के शपथ पत्र देकर मनरेगा कार्य में घोटाले के आरोप लगाए गए हैं। यह शपथ पत्र समाधान शिविर के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपे गए। इसके बाद अब मामले की जांच जिला परिषद के सीईओ को सौंपी गई है।
समाधान शिविर में आईं 20 शिकायतें
लघु सचिवालय के सभागार में सोमवार को समाधान शिविर आयोजित हुआ। अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने शिकायतें सुनी। शिविर में करीब 20 शिकायतें आईं। इसमें बिजली बिल ठीक करवाने, पीपीपी में त्रुटियों को ठीक करवाने, पानी का बिल ठीक करवाने आदि शिकायतें आईं।
मनरेगा कार्य के दौरान अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ग्राम सचिवों की बैठक लेने का निर्णय लिया गया है। इसमें ग्राम सचिवों को मनरेगा कार्य के कागजात समय-समय पर चैक करने की हिदायत दी जाएगी।
- सुरेश कुमार, सीईओ, जिला परिषद