अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सोशल मीडिया पर गांव मघावाली के किसान रमेश चौहान द्वारा किए जा रहे पराली प्रबंधन व हैप्पी सीडर से गेहूं बिजाई की पोस्ट देखकर अटारी जोन 1 के निदेशक डा. राजबीर बराड़ ने बुधवार को उनके खेत का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र फतेहाबाद द्वारा किसान रमेश के खेत पर किसान-वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के 50 से भी ज्यादा किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. राजबीर सिंह बराड़, निदेशक कृषि तकनीकी अनुप्रयोग संस्थान (अटारी) लुधियाना जोन-1 रहे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आरएस हुड्डा, निदेशक विस्तार शिक्षा चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने की।
इस अवसर पर डा. बराड़ ने कहा कि किसान को फसल अवशेष प्रबंधन करना चाहिए जिससे हमारी मिट्टी की उर्वरकता शक्ति एवं जैविक कार्बन कायम रह सके। उन्होंने किसानों के साथ हैप्पी सीडर से गेहूं की बिजाई करवाकर और पहले बोई गई फसल का निरीक्षण कर दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। डा. बराड़ ने हैप्पी सीडर से गेहूं के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें खरपतवार नाशकों की समस्या कम आती है तथा गेहूं पकने पर गिरती नहीं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डा. हुड्डा ने कहा कि हमें अपनी भूमि सुरक्षित रखने के लिए फसल अवशेषों को हमारी मिट्टी में ही मिलाना होगा, चाहे तरीका कोई भी अपनाएं। फसल अवशेष प्रबंधन करने से हमारी जमीनों को सभी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इस अवसर पर केंद्र के समन्वयक डा. सरदूल मान ने बताया कि हमारे जिले में किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन पर सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए विभिन्न तरीके जैसे सुपर एसएनएस से कटाई करके हैप्पी सीडर से बिजाई की जा रही है जबकि कुछ किसान रोटावेटर, हैरो, कल्टीवेटर से खेत तैयार करके बिजाई कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. संदीप कुमार रतिया, डॉ. जोगेंद्र राणा फतेहाबाद ने किसानों को संबोधित किया। किसान रमेश चौहान ने अतिथियों, कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों व किसानों का धन्यवाद किया।