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गांव बबनपुर में डायरिया का प्रकोप, सौ से अधिक मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, टीम भेजी गई

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गांव बबनपुर में डायरिया का प्रकोप, सौ से अधिक मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, टीम भेजी गई
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया । पंजाब के सीमावर्ती गांव बबनपुर में एकाएक डायरिया ने गांव के सैंकड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। एकाएक गांव में इतनी बड़ी संख्या में डायरिया के मरीज मिलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम गांव बबनपुर भेजी और मरीजों का उपचार शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग की शुरु आती जांच में गांव बबनपुर के 106 मरीज डायरिया की चपेट में आए हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर मरीज पंजाब के साथ लगते शहरों मानसा, बरेटा आदि जगहों पर निजी अस्पताल में उपचार के लिए चले गए हैं। गांव के हालात देखते हुए डायरिया के मरीजों की संख्या और भी अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की शुरूआती जांच में सामने आ रहा है कि गांव में सोमवार दोपहर को मीठे पानी की छबील लगाई गई थी, संभवत: उसी छबील के दौरान साफ पानी का इस्तेमाल नहीं किया जिसके चलते छबील से मीठा पानी पीने वाले लोगों को डायरिया की शिकायत हुई है।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि लखविंदर सिंह ने बताया कि सोमवार रात को ही गांव में कुछ लोगों को उल्टी दस्त होने की बात सामने आई थी, लेकिन मरीजों की संख्या कम होने के चलते इसे इतनी गंभीरता से नहीं लिया गया लेकिन मंगलवार दोपहर बाद होते होते मरीजों की संख्या एकाएक बढने लगी। उन्हें जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने पूरे गांव के घर-घर जाकर डायरिया के शिकार हुए मरीजों की सूची बनाई और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को दी। लखविंदर सिंह ने कहा कि गांव की पंचायत की ओर से भी मरीजों के पूरी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
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उधर सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने बताया कि गांव बबनपुर में डायरिया के मरीजों की संख्या सौ से अधिक जरूर है लेकिन हालात काबू में हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग साथ लगते पंजाब के अस्पतालों में उपचाराधीन हैं तो कुछ लोग रतिया के ही निजी और नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाए गए हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि उनकी पंजाब के अस्पतालों में उपचाराधीन लोगों के परिजनों से बात हुई है। हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। डायरिया के पीछे के कारणों बारे पूछे जाने पर सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने कहा कि प्राथमिक जांच में ये बात सामने आ रही है कि गांव बबनपुर में बीते दिन मीठे पानी की छबील लगाई गई थी जिसमें साफ पानी का इस्तेमाल शायद नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता, इसकी जांच करवाई जाएगी।
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