अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
राष्ट्रीय किसान संघ द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर किए गए ‘गांव बंद’ का शुक्रवार को फतेहाबाद जिले में मिला-जुला असर रहा। फतेहाबाद, धांगड़ सहित कई जगहों पर यह आंदोलन हिंसात्मक रूप ले गया। दस दिवसीय आंदोलन के पहले ही दिन गांव धांगड़ में आंदोलन समर्थकों ने सब्जियों व दूध की गाड़ियों को रुकवाकर सब्जियां और दूध की थैलियां जमीन पर गिरा दी। हिसार निवासी सब्जी विक्रेता हैप्पी सिंह की शिकायत पर सदर पुलिस ने 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं दूसरी ओर फतेहाबाद शहर में भी बीघड़ रोड पर खुली एक दूध डेयरी को आंदोलनरत कुछ ग्रामीणों ने जबरदस्ती बंद करवाने की कोशिश की, विरोध करने पर डेयरी संचालकों को पीटा गया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और एसपी दीपक सहारण की अगुवाई में पहले धांगड़ गांव में फ्लैग मार्च निकाला गया और इसके बाद बीघड़ रोड पर डेयरी संचालक की शिकायत पर उनसे मारपीट करने वाले तकरीबन 10-15 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने धांगड़ में सब्जियां और दूध फेंकने वाले अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते जिलेभर में संवेदनशील जगहों पर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। एसपी दीपक सहारण ने साफ कहा है कि शांतिपूर्ण आंदोलन से पुलिस किसी को नहीं रोकेगी, लेकिन हिंसा करने पर कानून अपना काम करेगा।
शुक्रवार से प्रस्तावित दस दिवसीय ‘गांव बंद’ के पहले दिन ही जिले के कई गांवों जैसे धांगड़, दौलतपुर, भड़ोलावाली, बोदीवाली, भट्टू आदि में किसानों ने धरना शुरू कर दिया था। धांगड़ से सबसे पहले जबरदस्ती गाड़ियां रुकवाने की सूचना आई। दरअसल गांव धांगड़ में धरने पर बैठे कुछ युवाओं ने शहर जाने वाले कुछ दूधियों को रुकवा लिया और उनका दूध एक ड्रम में भरवा लिया। इसी तरह गांव से सब्जियां लेकर गुजर रही कुछ गाड़ियों को भी ग्रामीणों ने रुकवा लिया और गाड़ी में भरी सब्जियों को जबरदस्ती निकाल कर सड़क पर फेंक दी। इसके बाद सब्जियों को गोशाला में भिजवा दिया गया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि वो किसी भी हालत में उनके गांव से दूध और सब्जियों की सप्लाई नहीं होने देंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने एक निजी कंपनी की दूध की गाड़ी को रूकवा लिया और दूध की थैलियां भी सड़क पर फेंक दी। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा जबरदस्ती गाड़ी रुकवाने की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल एसपी दीपक सहारण व डीएसपी जगदीश काजला की अगुवाई में धांगड़ पहुंच गया। एसपी सहारण ने इस दौरान आंदोलनरत ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और गांव में फ्लैग मार्च भी निकाला।
उधर बनगांव के कुछ युवकों ने ट्रैक्टर और मोटरसाइकिलों पर शहर के विभिन्न हिस्सों में रोष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसी दौरान बीघड़ रोड़ पर खुली एक दूध की डेयरी को भी युवाओं ने जबरदस्ती बंद करवाने का प्रयास किया। डेयरी संचालकों द्वारा जब ये कहा गया कि उनका दूध गांव से नहीं आता, बल्कि उनकी खुद की भैंसों का दूध है तो आंदोलनरत युवाओं का पारा चढ़ गया और उन्होंने संचालकों की पिटाई कर दी। पुलिस के आते ही सभी युवा मौके से फरार हो गए। पुलिस ने डेयरी संचालक संदीप की शिकायत पर 10-15 अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं, किसानों के आंदोलन का शिकार रतिया चुंगी पर भी कुछ दोधियों को होना पड़ा। रतिया चुंगी पर भी कुछ ग्रामीणों द्वारा दोधियों को रोककर उनका दूध बिखरेने का प्रयास किया गया लेकिन गुरुनानक पुरा चौकी की टीम मौके पर पहुंचते ही युवक फरार हो गए।
शुक्रवार को एक तारीख के चलते बंद थी सब्जी मंडी, आज से प्रभावित होगी सब्जी आपूर्ति
किसानों के आंदोलन के पहले दिन एक तारीख होने के कारण फतेहाबाद शहर की सब्जी मंडी बंद थी। लेकिन शनिवार को मंडी में कामकाज दोबारा सुचारू रूप से शुरू होगा लेकिन किसानों के आंदोलन के चलते आशंका जताई जा रही है कि शनिवार से मंडी में सब्जी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। दरअसल फतेहाबाद की सब्जी मंडी में लगभग 30 फीसदी सब्जियां स्थानीय किसानों की होती हैं जो आसपास के गांवों से सब्जी मंडी में अपना माल आढ़तियों के मार्फत बेचते हैं। अगर वो किसान भी आंदोलन में शामिल हो गए तो सब्जी मंडी में सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होना तय है। उधर प्रदेशभर में किसानों के आंदोलन के चलते दूसरे प्रदेशों से आने वाली सब्जियों की खेप भी नियमित दिनों के मुकाबले काफी कम हो सकती है। ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि शनिवार से सब्जियों के दाम भी आसमान पर पहुंच जाएं।