अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
गांव धोलू के पास रतिया-भूना मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राली ने टॉफी लेने जा रही आठ साल की बच्ची पूनम पुत्री अनिल जांगू को कुचल दिया। इससे बच्ची की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची तो घर में कोहराम मच गया और सदमे से बच्ची की दादी रोशनी देवी को भी दिल का दौरा पड़ गया और उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और लोग ढांढस बंधाने के लिए मृतकों के घर पहुंचने लगे। उधर बच्ची के शव का फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। नये साल के पहले ही दिन एक ही घर से दो अर्थियां निकली जिसके चलते पूरे गांव में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार आठ साल की बच्ची पूनम अपनी दादी से पैसे लेकर पास की दुकान से टॉफी लेने के लिए घर से निकली थी। जैसे ही पूनम ने भूना-रतिया मार्ग की सड़क को पार करने का प्रयास किया, एक ओर से तेज गति से आते ट्रैक्टर-ट्राली ने उसे कुचल दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि बच्ची के शरीर के परखच्चे उड़ गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने जैसे ही हादसे की सूचना दी तो घर में हड़कंप मच गया और घर के कई सदस्य बेसुध हो गए। मृतका की दादी रोशनी देवी को अपनी पोती से बहुत लगाव था, वह इस हादसे को सहन ही नहीं कर सकी और दिल का दौरा आते ही उन्होंने भी उसी समय दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही एसएचओ आत्मा राम बिश्रोई दलबल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बच्ची के पिता अनिल जांगूृ की शिकायत पर इतफाकिया कार्रवाई की है। ट्रैक्टर चालक के खिलाफ पीड़ित परिवार ने पुलिस से कोई कार्रवाई न करने के लिए लिखित में पत्र दिया है जिसके बाद पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
एसपी ने बंधाया ढांढस
सूचना मिलते ही एसपी दीपक सहारण ने भी मृतकों के घर जाकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। दोपहर बाद धौलू गांव में सैकडों की संख्या में ग्रामीणों ने दादी-पोती की अर्थी को एक साथ ले जाकर शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया। शोक सभा में गांव के सरपंच से लेकर चौकीदार तक भी शामिल हुए।
दादी ने दिये पांच रुपयों से टॉफी लेने ना जाती तो शायद बच जाती दो जानें
आठ वर्षीय पूनम की मां ने रोते-बिलखते हुए कहा कि रोशनी देवी को अपनी पुत्रवधू इंद्रो देवी के साथ सिरसा में किसी धार्मिक कार्य के लिए जाना था लेकिन उनकी पोती पूनम बार-बार साथ चलने की जिद कर रही थी। इसलिए दादी ने उसे पांच रुपये देकर चीज लेने के लिए भेज दिया। लेकिन पैसे लेकर जाने के महज आठ से दस मिनट में ही पूनम की सड़क हादसे में मौत के समाचार ने पूरे घर को झकझोर दिया। मृतका की दादी और उसकी मां सिरसा के लिए निकले भी नहीं थे, लेकिन इससे पहले आई पूनम की मौत की सूचना ने उसकी दादी के भी प्राण हर लिए।