अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
राजपूत समाज को मुख्यमंत्री द्वारा समाज देने के बावजूद न मिलना पूरे राजपूत समाज व राजपूत नेताओं का अपमान है। मुख्यमंत्री के इस रवैये के विरोध में राजपूत करणी सेना फतेहाबाद ने रोष प्रदर्शन किया और लाल बत्ती चौक पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राठौड़ व संचालन उपप्रधान मदन सिंह ने किया। राजपूत नेताओं ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में राजपूत समाज भाजपा को करारा जवाब देगा।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुनील राठौड़ ने कहा कि फिल्म पद्मावती को हरियाणा में बैन करने व अन्य मुद्दों को लेकर राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, संगठन महामंत्री सूरजपाल अम्मू, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर भवानी व साध्वी देवा ठाकुर को मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए बुलाया था। मुलाकात को लेकर राजपूत करणी सेना के नेता दिल्ली स्थित हरियाणा भवन भी पहुंचे लेकिन, वहां मुख्यमंत्री ने इस प्रतिनिधिमंडल से बात न कर राजपूत समाज का अपमान किया है।
मुख्यमंत्री के इस रवैये से पूरे राजपूत समाज व नेताओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो राजपूत समाज सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा। प्रदेश में जहां भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल का प्रोग्राम होगा, वहां पर राजपूत समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं आने वाले चुनावों में भी राजपूत समाज इस बेइज्जती का करारा जवाब देगा। फतेहाबाद में पुतला फूंकते हुए राजपूत समाज के लोगों ने पद्मावती फिल्म पर हरियाणा में प्रतिबंध लगाने की मांग की। इसको लेकर राजपूत करणी सेना द्वारा 9 दिसम्बर को पंचकूला में भी जनसभा की जाएगी।
इस अवसर पर सचिव जसपाल बोसवाल, जिला मीडिया प्रभारी जितेन्द्र भदौरिया, कोषाध्यक्ष राजीव बोसवाल, ग्राम प्रधान सुशील भोड़ा होसनाक, मोनू रामसरा, संदीप बासीड़ा, जगदीश छोकर, जगमाल खान मोहम्मद, अजय चौहान धौलू, जितेन्द्र राठौड़ ढिंगसरा, रमन ठाकुर, धीरज राणा, राजीव कुमार, जगदीश ठाकुर, मदन गुलेरिया, मदन सिंह तंवर, दुर्गेश ठाकुर, भाल सिंह ठाकुर, मोनू, संदीप, हेमंत, बन्टी सहित राजपूत समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।