अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
लचर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाला नागरिक अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। नागरिक अस्पताल की एक महिला चिकित्सक पर डिलीवरी करने के लिए अस्पताल आने से इंकार करने एवं इसके चलते प्रसव के दौरान नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। गुस्साए परिजनों ने अब लापरवाही बरतने वाली डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, अस्पताल के इंचार्ज डॉ. ओपी दहमीवाल ने इस मामले में जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कही है।
राजेश कुमार निवासी स्वामी नगर फतेहाबाद ने बताया कि उसकी पत्नी बिन्दिया को रात को प्रसव पीड़ा आरम्भ हो गई। वह उसे उपचार के लिए फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ले आया। हस्पताल में प्रसव वार्ड में मात्र एक स्टाफ नर्स ही मौजूद थी। राजेश का आरोप है कि जब उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी तो स्टाफ नर्स के अलावा कोई चिकित्सक वहां नहीं आया। उसने ये भी आरोप लगाया कि स्टाफ नर्स सुमन ने चार चिकित्सकों को फोन भी किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। राजेश ने बताया कि इस दौरान उसकी पत्नी की हालत गंभीर होती गई और बच्चा आधा अन्दर व आधा बाहर रह गया। स्टाफ नर्स ने प्रयास तो किया, लेकिन जब तक बच्चे ने दम तोड़ दिया।
उधर, इस मामले में अस्पताल की अनुबंधित चिकित्सक डॉ. स्वर्ण वधवा पर अंगुलियां उठ रही हैं। सामान्य अस्पताल के इंचार्ज एवं एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल के अनुसार, नागरिक अस्पताल में कुल चार महिला चिकित्सक हैं जो डिलीवरी का काम देखती हैं। इनमें डॉ. रेनु व डॉ. नीति नियमित चिकित्सक हैं, जबकि डॉ. स्वर्ण वाधवा व डॉ. सुमेधा अनुबंध पर हैं। ये सभी रोस्टर से नाइट ड्यूटी करती हैं। डॉ. दहमीवाल के अनुसार बीती रात को डॉ. स्वर्ण वाधवा की ड्यूटी थी। डॉ. दहमीवाल ने ये भी माना है कि रात को बिंदिया के प्रसव के दौरान स्टाफ नर्स लगातार चिकित्सक डॉ. वाधवा को फोन मिलाती रही लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में मृतक बच्चे के पिता ने सीएमओ दफ्तर में शिकायत दी है, उनके पास ये शिकायत आते ही वह इस मामले की जांच करेंगे। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
'इस संदर्भ में एक मामला मेरे सामने आया है। बीती रात को डॉ. वाधवा की डयूटी थी और उन्हें स्टाफ नर्स की ओर से कॉल भी किया गया था, लेकिन वह नहीं आई। इसके बाद डॉ. रेनु पहुंचीं, लेकिन उससे पहले ही नवजात की मौत हो चुकी थी। इस मामले की जांच करेंगे और जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
डॉ. ओपी दहमीवाल, एसएमओ, सिविल अस्पताल, फतेहाबाद।