अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
उपायुक्त डॉ हरदीप सिंह ने धान और अन्य फसली अवशेष जलाने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाते हुए उनके चालान करने व नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। कृषि एवं राजस्व अधिकारियों की एक बैठक में उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कृषि विकास अधिकारी, पटवारी तथा ग्राम सचिव की कमेटी गांव-गांव जाकर निरिक्षण करें और धान व अन्य फसली अवशेष जलाने वालों की अविलंब रिर्पोटिंग कर उनपर जुर्माना लगाएं। यदि कोई किसान फसल अवशेषों को आग लगाते हुए पाया जाता है तो उससे 2 एकड़ तक 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 5 हजार रुपये तथा 5 एकड़ से ज्यादा तक 15 हजार रुपये प्रति घटना के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाए और जुर्माना अदा न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के साथ-साथ केंद्र व प्रदेश सरकार, माननीय न्यायालय व पर्यावरण तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठन अपनी चिंताएं जाहिर कर चुके हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार खेतों में फसल की कटाई के बाद अवशेषों में आग लगाने से धरती के जीवांश तथा विभिन्न प्रकार के मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति भी नष्ट होती है। आसपास का वातावरण खराब होने से बिमारी फैलती है। सांस के मरीजों के लिए यह समस्या जानलेवा भी सिद्ध हो सकती है। उपायुक्त ने बताया की फसल अवशेषों में आग लगाने वाले किसानों को लेकर प्रशाशन ने धारा 144 लागू की है और जो भी किसान कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ सख्त करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर विभिन्न यंत्रों को अपनाएं और इन यंत्रों पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ उठाएं। हैप्पी सीडर, लेजर लैंड लेवलर, रिवर्सिबल पलो, स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर, स्ट्रॉ चॉपर, ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, हैड फीड कंबाइन हार्वेस्टर, रोटावेटर, मोबाइल ग्रेन ड्रायर व मोबाइल सीड प्रोसेसर आदि यंत्रो के इस्तेमाल से सिंचाई में प्रयोग होने वाले पानी की भी बचत होगी और फसल अवशेष प्रबंधन भी बेहतर होता है।
डॉ. हरदीप सिंह ने कहा कि जो ग्राम पंचायत अपने गांव में फानों, पराली या अन्य फसली अवशेषों को आग लगाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सफल रहेगी, उस ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए इनाम स्वरूप 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हरियाणा स्पेस एप्लिकेशन्स सेंटर द्वारा सैटेलाइट के माध्यम से जिला फतेहाबाद में फसल अवशेषों को आग लगाए जाने की घटनाओं की नियमित तौर पर निगरानी की जा रही है। बैठक में उपमंडलाधीश सतबीर जांगु, सीटीएम देवीलाल सिहाग, डीडीएएच बलवंत सहारण, डीआरओ बिजेन्द्र भारद्वाज, प्रदूषण रोकथाम अधिकारी संजीव कुमार सहित सभी तहसीलदार उपस्थित थे।
फोटो 11 = लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेते जिला उपायुक्त डॉ हरदीप सिंह।