फतेहाबाद। लाल डोर में शामिल प्रॉपर्टी के मालिकों को प्रमाणपत्र के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 31 मार्च के बाद लाल डोर की संपत्ति प्रमाणपत्र मिलना मुश्किल हो सकता है। वजह ये है कि नगर निकाय ने संपत्ति प्रमाणपत्र लेने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है।
दूसरी तरफ हकीकत ये है कि अभी तक मात्र 9 फीसदी प्रॉपर्टी मालिक ही संपत्ति प्रमाणपत्र ले जा पाए हैं। 91 फीसदी तो प्रमाणपत्र लेने के लिए आए ही नहीं। वजह ये है कि प्रॉपर्टी मालिक नगर निकाय की शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अभी तक शहर फतेहाबाद में सिर्फ 3,569 प्रॉपर्टी में से सिर्फ 326 को ही प्रमाणपत्र जारी हुए हैं।
संपत्ति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 10 साल पुराना रिकॉर्ड दिखाना जरूरी है। इसमें 10 साल पुराना बिजली-पानी का बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, तहसीलदार से एफिडेविट, गृहकर रसीद शामिल है। लेकिन ये रिकॉर्ड प्रॉपर्टी मालिक नगर परिषद प्रशासन के सामने प्रस्तुत ही नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से प्रशासन संपत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं।
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ये है स्थिति
लाल डोरे में मकान : 3569
प्रमाणपत्र लेकर गए : 326
प्रॉपर्टी सत्यापित :1864
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लाल डोरा में इन क्षेत्र की प्रॉपर्टी हुई शामिल
- बगीची मोहल्ला, भीमां बस्ती, मोहल्ला डेरेवाला, जंडी मोहल्ला, लंग मोहल्ला, नजदीक अरोड़वंश धर्मशाला, नजदीक पुराना बस स्टैंड, नजदीक चिल्ली झील क्षेत्र, नजदीक दुर्गा मंदिर, जवाहर चौक, नजदीक रेगर बस्ती, रामनिवास मोहल्ला, रेगर बस्ती, शास्त्री नगर, शिव चौक, ठाकर बस्ती की प्रॉपर्टी लाल डोरा में हुई शामिल।
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डिजिटलाइजेशन हुआ था सर्वे
नगर परिषद ने पिछले साल पहले मैनुअल तरीके से लाल डोर की प्रॉपर्टी को लेकर सर्वे करवाया था। इसे बाद में रद्द कर दिया गया। इसके बाद डिजिटलाइजेशन तरीके से सर्वे करवाया गया, जिसमें 15 कॉलोनियों की प्रॉपर्टी को शामिल किया गया। इसको लेकर नगर परिषद कार्यालय में सूची भी जारी की गई। करीब चार माह बाद भी सिर्फ 326 प्रॉपर्टी मालिक ही प्रमाणपत्र लेकर गए हैं।
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एनडीसी पोर्टल पर दर्ज है रिकॉर्ड
लाल डोरा क्षेत्र में शामिल प्रॉपर्टी मालिक पहले रजिस्ट्री नहीं करवा सकते थे, क्योंकि इनका कोई रिकॉर्ड नहीं था। लेकिन अब निशानदेही होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर रिकॉर्ड आ गया है। नगर परिषद स्वामित्व कार्ड जारी कर रहा है, जिसके आधार पर रजिस्ट्री हो पाएगी।
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लाल डोरा क्षेत्र में जिसकी प्रॉपर्टी शामिल हुई है उन्हें संपत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। अभी तक सिर्फ 326 ही प्रमाणपत्र लेकर गए हैं। 31 मार्च तक का समय है, इसके बाद निदेशालय को सूचित किया जाएगा। इसके बाद जो निर्देश आएंगे, उसके आधार पर ही प्रमाणपत्र जारी होंगे। इसलिए संबंधित से अपील है कि जल्द से जल्द नियम पूरे करके प्रमाणपत्र जारी करवा लें।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद, फतेहाबाद।