फतेहाबाद। गांव हरिपुरा के पास खेतों में लगी भीषण आग से 4 एकड़ गेहूं की फसल और 5 एकड़ भूसा जलकर राख हो गया। अग्निशमन की गाड़ी देरी से पहुंचने पर किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों ने खुद ट्रैक्टरों की मदद से काफी हद तक आग पर काबू पाया
हिजरावा कलां रोड के पास खेतों में रविवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग भड़क उठी। तेज हवा के कारण लपटें तेजी से फैलीं और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। आग से सुनील कुमार, सुरजीत, हरभगवान, कुलदीप, मलकदिता और करम सिंह की करीब 4 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। पास के खेत में गुरमीत सिंह का 5 एकड़ भूसा भी पूरी तरह नष्ट हो गया।
आग लगते ही किसानों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी लेकिन वाहन पहुंचने में करीब 40 मिनट लग गए। इस दौरान किसानों ने खुद मोर्चा संभाला और 8 ट्रैक्टरों की मदद से खेतों की जुताई कर आग को फैलने से रोका। करीब 30 मिनट की मेहनत के बाद उन्होंने आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया जिससे अन्य खेतों को बचाया जा सका।
मौके पर दमकल की गाड़ी देरी पर किसानों ने नाराजगी जताई और कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई। उनका कहना है कि करीब 10 किलोमीटर दूरी होने के बावजूद समय पर मदद नहीं पहुंची जिससे उनका नुकसान बढ़ा है। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
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:: हड़ताल पर हैं कर्मचारी
दमकल विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 12 दिन से हड़ताल पर हैं। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि 16 फरवरी को फरीदाबाद के मुजेसर स्थित कालकाजी स्टील कंपनी में भीषण आग से दो कर्मचारी भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह की मौत हो गई थी। मृतक दमकल कर्मचारियों को शहीद का दर्जा और उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता की मांग उठाई जा रही है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग ने हरियाणा रोडवेज से 10 चालकों की सेवाएं ली हुई हैं।
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:: किसानों की एकता ने पेश की मिसाल
खेतों में लगी के दौरान किसानों की एकता से मिसाल कायम की। सूचना मिलते ही किसान बलदेव, सुरजीत, अमर सिंह, भजन सिंह, राजेंद्र, राजकुमार व डॉ. मुख्तयार सिंह मौके पर पहुंचे। सभी ने साथी किसानों के साथ मिलकर 8 ट्रैक्टरों की मदद से करीब 30 मिनट की कड़ी मेहनत से खेतों में जुताई करनी शुरू कर आग को आगे फैलने से रोका।