गांव ढांड की गौशाला में गाय की जांच करते डॉ.मदन लेगा
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फतेहाबाद/रतिया। जिले में लंपी स्किन बीमारी के केस लगातार बढ़ रहे हैं। शनिवार को भी लंपी स्किन बीमारी के 88 नए केस मिले हैं। इसके साथ ही जिले में लंपी स्किन ग्रस्त पशुओं की संख्या बढ़कर 454 हो गई है। वहीं 156 पशु ठीक हो चुके हैं। लंपी स्किन बीमारी के सर्वाधिक मामले रतिया में मिल रहे हैं। पशुपालन विभाग की ओर से इन पशुओं का इलाज जारी है। वहीं पिछले छह दिनों में सात गायों की मौत भी हो चुकी है।
रतिया क्षेत्र में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। यहां पर आंकड़ा 310 तक जा पहुंचा है। शनिवार को रतिया की नंदीशाला में 12 पशु और अलीका व कलोठो में पांच-पांच बेसहारा पशु लंपी स्किन बीमारी से गस्त पाए गए। पशुपालन विभाग की टीम ने नंदीशाला के 12 पशुओं को नंदीशाला व गांवों में मिले लावारिस पशुओं को गांवों में आइसोलेट किया है।
दिन में तीन बार तापमान की हो रही जांच
रतिया में पिछले दो दिनों से शहर की गोशालाओं में लंपी स्किन से संक्रमित पाए जाने के बाद पशुपालन विभाग की टीमों ने डेरा डालकर संक्रमित पशुओं के लिए अलग-अलग वार्ड बनवाए हैं। गायों का इलाज किया जा रहा है। श्रीकृष्ण गोशाला के मैनेजर सुरेश कुमार ने बताया कि दो दिन पूर्व बाहर घूम रहे बेसहारा पशुओं को गोशाला में लाया गया था। गायों के बीमारी से संक्रमित होने के कारण अन्य गाय भी इस बीमारी की चपेट में आ गई। गोशाला में इस समय 90 गायों में यह बीमारी फैली हुई है। गोशाला में पशुपालन विभाग की टीम की अगुवाई कर रहे वीएलडीए बलजीत सिंह ने बताया कि कृष्ण गोशाला में संक्रमित पशुओं की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उनकी टीम संक्रमित पशुओं की दिन में तीन बार तापमान जांच के बाद लोशन तथा स्प्रे का छिड़काव कर रही है। बाहर से आने वाले को पशुओं को भी 15 दिनों के लिए अलग वार्ड में आइसोलेट किया जा रहा है।
जिले में लंपी स्किन बीमारी के अब तक 454 केस सामने आए हैं। शनिवार को 88 नए केस मिले हैं। वहीं 158 पशु इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। 366 केस सक्रिय हैं, जिनका इलाज करवाया जा रहा है। जहां-जहां अधिक केस मिल रहे हैं, वहां पर विभाग की टीमों ने सक्रिय हैं और पशुओं का इलाज कर रही है।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, फतेहाबाद