12 हजार परीक्षार्थियों को संभालने में नाकाम रहा प्रशासन, रैन बसेरे तक के नहीं खुले दरवाजे
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पुलिस प्रवेश परीक्षा से पहले जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों के आने व रहने के लिए हर संभव इंतजाम करवाने का दावा किया था। लेकिन रविवार को आयोजित हुई प्रवेश परीक्षा से एक रात पहले शनिवार शाम फतेहाबाद पहुंचे 12 हजार के करीब परीक्षार्थियों के सामने जिला प्रशासन के सभी दावे एक-एक करके फेल होते नजर आए। प्रवेश परीक्षा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में डीसी डॉ. जेके आभीर ने दावा किया था कि सभी धर्मशालाओं व होटलों को अधिकाधिक संख्या में परीक्षार्थियों को रखने का निर्देश दिया था। लेकिन शनिवार रात को जब परीक्षार्थी शहर के अंदर पहुंचे तो धर्मशालाओं व होटलों के दाम 50 फीसदी तक बढ़ाने के आरोप परीक्षार्थियों ने लगाए। इतना ही नहीं, शनिवार सांय जब प्रशासन द्वारा संचालित रैन बसेरा की सबसे अधिक जरूरत थी, लेकिन शनिवार को सात बजे ही रैन बसेरे के दरवाजे बंद कर दिए गए ।
संकट की इस घड़ी में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने अनेक परीक्षार्थियों के रहने व लंगर की व्यवस्था करवाई। रहने का पहले से कोई प्रबंध ना होने के चलते अनेक परीक्षार्थी आधी रात तक शहर की सड़कों पर घूमते रहे और इसके बाद बस स्टैंड के आसपास ढाबों व चाय की दुकानों पर चाय व खाने के सहारे रात काटते नजर आए। प्रशासन के दावे थे कि बस स्टैंड व अन्य सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलाए जाएंगे ताकि परीक्षार्थियों को ठंड से बचाया जा सके। लेकिन ये दावे भी खोखले निकले। बस स्टैंड पर चाय की दुकानों व ढाबों के मालिकों ने बाहर अलाव जलाए जिस पर हाथ सेंकते हुए परीक्षार्थियों ने रात काटी।