अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पराली जलाने की घटनाओं में निरंतर हो रही वृद्धि के बीच फतेहाबाद जिला प्रदूषण की चपेट में आ गया है। दिवाली की रात को जमकर हुई आतिशबाजी और इसी दिन जलाई गई पराली की वजह से दिवाली के दो दिन बाद भी फतेहाबाद का आकाश धुएं की एक चादर में है। शनिवार को भी प्रदूषण के चलते सारा जिला धुएं की चादर से लिपटा रहा। शनिवार को प्रदूषण का स्तर 336 के पार था। हालांकि ये शुक्रवार के मुकाबले थोड़ा कम था, लेकिन इसके बावजूद ये खतरनाक स्तर पर ही था।
शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को मिली राहत
जिले के लोग पिछले एक सप्ताह से स्मॉग की परेशानी झेल रहे हैं। दीवाली की रात को प्रदूषण का स्तर फतेहाबाद शहर में जहां पांच सौ के करीब था तो शुक्रवार को ये घटकर 4 सौ तक पहुंच गया। शनिवार को इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई है और शनिवार को ये 336 के पार पहुंचा है। हालांकि शुक्रवार के मुकाबले इसमें जरूर गिरावट हुई है लेकिन प्रदूषण का मौजूदा स्तर अभी भी खतरनाक माना जा रहा है।
प्रदूषण मापने का कोई औपचारिक यंत्र स्थापित नहीं, हिसार से अधिकारी रखते हैं नजर
फतेहाबाद को प्रदूषण विभाग ने अपने हाल पर ही छोड़ दिया है। कम से कम जिले में प्रदूषण विभाग का कोई दफ्तर तक स्थापित ना होने से तो यही लगता है। इतना ही नहीं, जिले में एक भी ऐसा यंत्र नहीं है जिसकी मदद से जिला प्रशासन औपचारिक रूप से प्रदूषण का स्तर बता सके। चूंकि फतेहाबाद जिले में प्रदूषण विभाग का कोई दफ्तर नहीं है, इसके चलते कोई अधिकारी भी फतेहाबाद में नहीं रहता और हिसार से ही अधिकारी फतेहाबाद जिले में नजर बनाए रखने का दावा करते हैं।