अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
बाबा राणाधीर के अर्धवार्षिक विशाल मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि के सामने माथा टेक कर मन्नतें मांगी और मेले का लुत्फ उठाया। मेले में शनिवार की सुबह से ही हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी व दिल्ली से श्रद्धालुओं हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि पर चावल व लड्डूओं की सवामणि, झाडू़, तेल, नमक व प्रसाद चढ़ाकर व दीपक जलाकर मनोकामना के लिए प्रार्थना की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन व कमेटी ने व्यापक स्तर पर पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। मेले में महिला श्रद्धालुओं व बच्चों ने झूलों का जमकर आनंद उठाया और मेले में लगी लगभग 700 से अधिक स्टालों से खूब खरीददारी की। बाबा राणाधीर सेवा समिति के प्रधान ओम प्रकाश धारनियां ने बताया कि मेले में एक लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के मंदिर में हाजिरी लगवाकर अपनी गहरी आस्था व्यक्त की है। मेले में शांति व्यवस्था पूर्ण रूप से बनी रही और श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ लंगर व प्रशाद भी ग्रहण किया।
ऐतिहासिक कुएं पर लगी रही भीड़
बाबा राणाधीर मंदिर के प्रांगण में स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक कुएं पर श्रद्धालुओं द्वारा पानी का स्पर्श पाने के लिए विशेष भीड़ लगी रही। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि उपरोक्त कुएं के पानी से पुराने से पुराने चर्म रोग मिट जाया करते हैं। उसी को लेकर पानी प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कमेटी व पुलिस कर्मचारियों को वहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। इस अवसर पर कमेटी सदस्य नंद लाल कंबोज, सुरेश कंबोज, अनिल सोनी, मंगल सैन, हरविंद्र बागड़ी, अलोक बंसल, अमित लीखा, राकेश मदान, विरेंद्र शर्मा, राजू गिरधर, जितेंद्र बंसल, विरेंद्र ठकराल, अशोक ऐलावादी, सुमित बंसल, बलजीत सोनी, अनिल बंसल, सुंदर कंबोज, सुशील बिश्नोई, वेद प्रकाश ढिंगड़ा, मुन्नी नाई, विपिन्न गर्ग, हन्नी महता, रामनिवास छिंपा, आदि भी मौजूद थे।