अमर उजाला फाउंडेशन व लायंस क्लब कुलां की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह देखने को मिला। 40 डिग्री गर्मी के बावजूद 80 रक्तदाताओं ने रक्त देकर दूसरे व्यक्ति की जान बचाने का संकल्प लिया। कुलां के ताज रिसोर्ट में लगाए रक्तदान शिविर के मुख्यातिथि टोहाना के एसडीएम नवीन कुमार रहे जबकि अध्यक्षता गांव के सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार फौजी ने की। धारसूल मार्केट कमेटी के सचिव यशपाल मेहता ने रक्तदान शिविर की अध्यक्षता की। लायंस क्लब के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। रक्तदान शिविर में सरकार की हिदायतों अनुसार सामाजिक दूरी, मास्क, सैनिटाइजेशन आदि का विशेष ध्यान रखा गया तथा रक्तदाताओं की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई। शिविर में केवल, कमल शर्मा, बंटी, सुखबीर, अनिल, दलबीर सरपंच, मनोज बिश्रोई, डॉ. सतबीर, रिशी, सत्यवान, उमेद नेहरा, राजेश नेहरा, विजय जैन, महेश चड्डा, अनिल जैन भूना आदि मौजूद रहे। क्लब के सदस्य अनिल जैन व अलका जैन ने शादी की 25वीं सालगिरह को रक्तदान करके मनाया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि एसडीएम नवीन कुमार ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, इससे बड़ा कोई दान नही है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को प्रत्येक तीन महीने बाद रक्तदान करना चाहिए। रक्त का कोई अन्य विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि मानव का रक्त ही दूसरे मानव को चढ़ाया जाता है इसलिए रक्तदान करना बहुत जरूरी है। एसडीएम नवीन कुमार ने अमर उजाला फाउंडेशन की इस बात के लिए भी प्रशंसा की है कि अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से पिछले एक साल में कुलां क्षेत्र में तीन रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इस मौके पर मौजूद जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सहायक सचिव रामजी लाल ने बताया कि शिविर में 80 रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में इस संस्था द्वारा 66 रक्तदान शिविरों का आयोजन करवाकर 4499 यूनिट रक्त एकत्रित किया है तथा कोरोना महामारी के दौरान जिला में 15 शिविर लगाकर लगभग 800 यूनिट रक्त एकत्रित किया है।
रक्तदान शिविर के संयोजक एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि उनका क्लब रक्तदान को लेकर हमेशा से संजीदा रहा है और अब तक कुल 15 रक्तदान शिविर लायंस क्लब की ओर से आयोजित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि लायंस क्लब और अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से चार रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें 2 सौ से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित कर जरूरतमंदों की मदद की गई है।
रक्तदाता बोले, दूसरे की जान बचाने से बड़ा सुख कोई नहीं
रक्तदान करके मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है। इसलिए कोशिश करता हूं कि हर तीन माह में एक बार रक्तदान अवश्य करूं। रक्तदान सही मायनों में महादान है क्योंकि इससे किसी दूसरे इंसान की जान बचाई जा सकती है। -परमीत सिंह, रक्तदाता ।
रक्तदान की प्रेरणा अपने परिवार से मिली है। रक्तदान करने से खुद का शरीर भी स्वस्थ रहता है और दूसरे की जान भी बचाई जा सकती है। सभी लोगों को रक्तदान को प्राथमिकता के तौर पर लेना चाहिए। मैने दूसरी बार रक्तदान किया है। -ज्योति, रक्तदाता, कुलां ।
रक्तदान के लिए सभी को आगे आना चाहिए। लोगों में अक्सर ये भ्रम रहता है कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। ऐसा कुछ नहीं होता, बल्कि रक्तदान करने से शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है और शरीर को स्फूर्ति मिलती है। सभी को हर तीन माह में रक्तदान अवश्य करना चाहिए। अब तक कुल 15-16 बार रक्तदान कर चुका हूं। -प्रदीप कुमार, रक्तदाता ।
कुलां में अमर उजाला फाउंडेशन व लायंस क्लब की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करते रक्तदा?- फोटो : Fatehabad