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ंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स तीसरे दिन भी रही हड़ताल पर, डीसी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

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सरकार की वादाखिलाफी नहीं होगी बर्दाश्त : जांडली
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। भाजपा सरकार का चरित्र वादाखिलाफी का है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके खिलाफ जनता को लामबंद करके व्यापक एकता के साथ मुकाबला करना होगा। यह बात उपायुक्त कार्यालय पर हड़ताल कर धरने पर बैठीं सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को संबोधित करते हुए सीटू के जिला उपप्रधान रमेश जांडली ने कही। शनिवार को धरने की अध्यक्षता अनिता जाखल ने की व संचालन माया पूनियां ने किया। जिलेभर से सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स आज तीसरे दिन हड़ताल कर उपायुक्त कार्यालय पहुंची और सहमत मांगों को लागू करने की मांग की। धरने को रमेश जांडली, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की जिला प्रधान सुनीता झलनियां, सुदेश ढाबी, मलकीत कौर, किरण जमालपुर, कृष्णा टोहाना, दमयंती धारनियां, किरणपाल कौर ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि समय रहते भाजपा सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 23 फरवरी को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के टोहाना स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा और 25 फरवरी को दिल्ली में संसद पर किए जाने वाले प्रदर्शन में भी आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स बढ़-चढ़ कर भाग लेंगी।
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ये हैं आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की मांगें
ज्ञापन में यूनियन ने मांग की है कि वर्कर्स को कुशल व अर्धकुशल श्रमिक की श्रेणी में शामिल किया जाए। ईएएसआई व पीएफ सहित महंगाई भत्ता दिया जाए और इसे फरवरी 2018 से लागू किया जाए। हेल्पर्स को अतिरिक्त मानदेय दिया जाए, वर्कर्स एवं हेल्पर्स को सर्दियों व गर्मियों का अवकाश प्रदान किया जाए व गर्मी-सर्दी में आंगनबाड़ी केंद्रों के समय को भी कम किया जाए। इसके अलावा उन्होंने हेल्पर से वर्कर व वर्कर से सुपरवाइजर की पदोन्नति केवल वरिष्ठ आधार पर होने व तमाम तरह की शर्तें हटाने, आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर देने, मृत्यु होने की स्थिति में वर्कर्स व हेल्पर्स के परिवारजनों को 3 लाख रुपये एक्सग्रेशिया देने, राज्य के तमाम जिलों में पिछले 2 महीने से राशन की बंद सप्लाई को अविलंब जारी करने, वर्कर्स एवं हेल्पर्स को रिटायरमेंट लाभ देने, 45वें श्रम सम्मेलन के अनुसार कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 18 हजार व पेंशन सहित तमाम सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सितंबर से राज्य के अनेक जिले में केंद्र से मिलने वाला मानदेय नहीं मिला है और न ही प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 व 750 रुपये की राशि मिली है। ऐसे में इस पैसे का ऐरियर सहित तुरंत भुगतान किया जाए।
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