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पुलिस ने रातोंरात उखाड़ा हड़ताली कर्मचारियों का टैंट, परमिशन ना लेने का बताया कारण, हड़ताल चार तक बढ़ी

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। बुधवार को भूना में हड़ताली कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के बाद अब पुलिस प्रशासन ने हड़ताली कर्मचारियों का बस स्टैंड के सामने लगाया गया टेंट रातोंरात उखाड़ दिया है। पुलिस प्रशासन ने इसके पीछे धरने के लिए आवश्यक परमिशन ना लेने को मुख्य कारण बताया है। हालांकि पुलिस अधिकारी ये बताने को तैयार नहीं हैं कि इतने दिनों तक धरना देने के दौरान कर्मचारियों के टैंट को क्यों नहीं हाथ लगाया गया। शुक्रवार सुबह कर्मचारी जब धरने पर पहुंचे तो उन्हें धरनास्थल पर लगाया गया टेंट नदारद मिला। जिला सुरक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उधर बुधवार को भूना में कर्मचारियों पर हुए लाठी चार्ज की निंदा करते हुए कर्मचारियों ने हड़ताल को 4 नवंबर तक बढ़ा दिया है। इतना ही कर्मचारियों ने 4 नवंबर को ही जींद में बड़ी रैली करने का ऐलान भी किया है। रैली का नाम रोडवेेेेेज बचाओ रोजगार बचाओ जनसहयोग रैली रखा गया है। वीरवार को कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्रोई भी धरने को समर्थन देने पहुंचे।
सरकार के आदेश के चलते पुलिस द्वारा टैंट हटाने की कार्रवाई के बाद अब रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों ने लाल बत्ती चौक स्थित आंबेडकर पार्क में पड़ाव डाल लिया है। इतना ही नहीं, कर्मचारी नेताओं ने इसके लिए बकायदा उपायुक्त कार्यालय में परमिशन के लिए आवेदन भी कर दिया है। कर्मचारी नेता मनोज कुंडू ने इसकी पुष्टि की है। बीते दिन भूना में मुख्यमंत्री का रास्ता रोक रहे कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने की निंदा करते हुए तालमेल कमेटी ने हड़ताल को 4 नवंबर तक बढ़ा दिया है और 4 को ही जींद में जनसहयोग रैली करने का ऐलान कर दिया है। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए कर्मचारी नेता सरबत पुनियां ने बताया कि सरकार कर्मचारियों साथ गलत व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर को होने वाली जनसहयोग रैली में खाप पंचायतें, विभिन्न संगठन व हजारों कर्मचारी भाग लेंगे तथा सरकार को जगाने का काम करेंगे।
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हड़ताली कर्मचारियों को नहीं मिलेगी हड़ताल के दौरान की सैलरी
हड़ताल व हड़ताली कर्मचारियों पर लगातार सख्त हो रही मनोहर सरकार के आदेशों के बाद अब हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को हड़ताल के दिनों की सैलरी नही मिलेगी। खुद जीएम शंभू राठी ने इस बात की पुष्टि की है। जीएम ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को हड़ताल के दिनों की सैलरी काट कर बाकी दिनों की सैलरी दी जाएगी। उन्होंने कहा जो कर्मचारी लगातार ड्यूटी पर आ रहे हैं उनकी सैलरी बनकर तैयार हो चुकी है जल्दी ही वो वितरित कर दी जाएगी। जबकि हड़ताली कर्मचारियों का डाटा तैयार किया जा रहा है। पूरा डाटा तैयार होने के बाद हड़ताल के समय की सैलरी काटकर बाकी समय की सैलरी उन्हें वितरित कर दी जाएगी। इस हिसाब से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को अक्तूबर महीने के केवल 15 दिनों की ही सैलरी मिलेगी।
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वर्जन
बस स्टैंड के बाहर धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों के पास धरने के लिए किसी प्रकार की परमीशन नहीं थी इसलिए सरकार के आदेशों के बाद धरने के टेंट को वहां से उखाड़ा गया है।
- सतबीर सिंह, जिला सुरक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।
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