अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
सरकार के तीन साल पूरा होने पर भले ही भाजपाई विकास के ढोल पीट रहे हों, लेकिन विकास के मामले में रतिया हलका बाकी दोनों हलकों के मुकाबले कहीं ज्यादा पिछड़ गया है। ऐसा नहीं है कि रतिया में सीएम मनोहर लाल नहीं पहुंचे, वर्ष 2016 के अगस्त माह में सीएम ने अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल द्वारा आयोजित रैली में शिरकत कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने काफी घोषणाएं भी की थीं, लेकिन नगर पालिका को पांच करोड़ की ग्रांट के अलावा सीएम द्वारा की गई घोषणाओं में से अधिकतर शुरू भी नहीं हो सकी हैं। नागपुर को अलग ब्लॉक बनाना भी सरकार की उपलब्धि है, लेकिन नया ब्लॉक बनने के एक साल बाद भी इसे बीडीपीओ नहीं मिल सका है। ऐसे में काम करवाने के लिए इन गांवों के लोगों को अभी भी फतेहाबाद ही जाना पड़ता है।
घग्गर के पुल का दिया था आश्वासन, पुल छोड़िये, प्रदूषण का भी नहीं मिला समाधान
फतेहाबाद जिले के महज रतिया इलाके से ही घग्गर नदी होकर निकलती है। एक समय जीवनदायनी समझी जाने वाली घग्गर नदी इन दिनों जहरीली नदी के रूप में कुख्यात हो चुकी है। इसके पीछेपानी का प्रदूषण है। घग्गर नदी के प्रदूषण को दूर करने के दावे तो बड़े-बड़े किए गए, लेकिन अभी तक जमीनी प्रयास नजर नहीं आए हैं। इसके अलावा रतिया रैली के दौरान सीएम मनोहर लाल ने घग्गर नदी पर पुल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक ये घोषणा भी अधूरी है।
हैपेटाइटिस-सी का मुफ्त ईलाज अभी तक रतियावासियों के लिए सपना
हेपेटाइटिस-सी के मुफ्त इलाज का नारा रतिया विधानसभा चुनाव के दौरान सभी पार्टियों ने दिया था। लेकिन मौजूदा सरकार के तीन साल बीतने के बावजूद आज तक ये सपना ही बना हुआ है। इन तीन सालों में एक बात जो सरकार ने बेहतर की, वो ये कि हेपेटाइटिस-सी के इलाज को पीजीआई रोहतक से पहले अग्रोहा और अब जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी का उपचार मिल रहा है। लेकिन लगातार उपचार के लिए फतेहाबाद आ पाना गरीब तबके के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
विभिन्न योजनाओं के लिए अभी तक नहीं पहुंची ग्रांट
सीएम मनोहर लाल ने अपनी रतिया रैली के दौरान विभिन्न सड़कों, स्कूलों के अपग्रेडेशन, स्वर्गाश्रम की चारदीवारी, रतिया के गांवों के सीवरेज के लिए ग्रांट, कई गांवों में ट्यूबवैल व ग्राम सचिवालयों की स्थापना का ऐलान भी किया था। लेकिन उसमें भी कई घोषणाओं की ग्रांट अटकी हुई है।
विपक्ष का हमला, सत्तापक्ष का बचाव
'इन तीन साल में रतिया लगभग 30 साल पीछे चला गया है। सरकार ने सिवाये लोगों को गुमराह करने के अलावा कोई काम नहीं किया। विकास तो बहुत दूर की बात है, घग्गर नदी पर पुल बनाने का अपना ऐलान ही सीएम भूल चुके हैं।’
प्रो. रविंद्र बलियाला, इनेलो विधायक, रतिया
'रतिया से भेदभाव के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। सरकार और सीएम साहब रतिया के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। रतिया रैली की जिन घोषणाओं का काम लंबित पड़ा है, उस संदर्भ में अधिकारियों से बात करूंगी। सीएम साहब के संज्ञान में लंबित कामों को लाकर पूरा करवाया जाएगा।’
सुनीता दुग्गल, चेयरपर्सन, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, हरियाणा सरकार।