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इटली, मारीशस और इंग्लैंड सहित 20 मुल्कों में भी पहुंचेगी फतेहाबाद के बासमती चावल की धूम

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सुरेन्द्र असीजा
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फतेहाबाद।
पैडी बैल्ट के नाम से विख्यात फतेहाबाद के धान ने इस बार विश्व के 20 देशों में अपनी धाक जमा रहा है। इस बार फतेहाबाद से बासमती चावल आयात करने वाले देशों की संख्या पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना हो गई है। फतेहाबाद के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि यहां का बासमती चावल अरब देशों के अलावा इटली, टर्की, केन्या, इंग्लैंड, मारीशस, यूक्रेन और जॉर्डन तक पहुंचेगा। पिछले साल तक फतेहाबाद का बासमती चावल अरब देशों में यूएई, ईरान, दुबई, ओमान, सऊदी अरब, कुवैत व बहरीन देशों में ही निर्यात किया जाता था। फतेहाबाद से बासमती चावल के प्रमुख निर्यातक अजय जिंदल व टोहाना के प्रमुख उद्योगपति ईश सरना ने इसकी पुष्टि की है।
विदेशों में बासमती व 1121 के अलावा मुच्छल भी निर्यात किया जाता है। बासमती चावल का साइज लंबाई में बड़ा होता है। जब यह पककर तैयार होता है तो इसकी महक दूर तक जाती है। अरब देशों में चावल का उत्पादन नहीं होता, जबकि वहां के लोग चावल खाने के शौकीन हैं। यही कारण है कि उन्हें भारत से भारी मात्रा में चावल मंगवाना पड़ता है।
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इस साल फतेहाबाद से 5 लाख क्चिंटल बासमती का होगा निर्यात
फतेहाबाद जिले से इस बार बासमती चावल के निर्यात की मात्रा भी काफी बढ़ी है। पिछले साल तक जहां फतेहाबाद जिले से तकरीबन तीन से साढ़े तीन लाख क्विंटल तक बासमती चावल का निर्यात होता था, लेकिन इस साल बासमती चावल का निर्यात पांच लाख क्विंटल तक पहुंचने की संभावना है। फतेहाबाद की जिंदल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अजय जिंदल की मानें तो इस साल फतेहाबाद जिले से तकरीबन 2 हजार कंटनेर बासमती चावल बाहर के देशों में भेजा जाएगा। प्रत्येक कंटेनर में तकरीबन 25 टन बासमती चावल की मात्रा रहेगी।
समुद्री रास्ते से पहुंचेगा दुनिया के 20 देशों में
फतेहाबाद जिले का बासमती चावल इस बार भी समुद्री रास्ते से ही दुनिया के 20 चुनिंदा देशों में जाकर अपनी महक बिखेरेगा। टोहाना के प्रमुख बासमती निर्यातक एवं उद्योगपति ईश सरना ने बताया कि फतेहाबाद जिले से ट्रकों में भरकर बासमती चावल गुजरात के मुद्रापोट बंदरगाह पर पहुंचता है। इसके बाद विभिन्न समुद्री जहाजों के सहारे ये दुनिया के विभिन्न देशों में पहुंचता है।
किसानों को सरकार से ज्यादा भाव देते हैं बासमती निर्यातक
विदेशों में निर्यात होने वाले चावल में बासमती व मुच्छल मुख्य रुप से शामिल हैं। इनकी खरीद सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट खरीद एजेंसियां करती हैं। इसके लिए बाहर से भी खरीदार आते हैं। इस बार यहां से एक्सपोर्ट फर्म जिंदल व सरना इंडस्ट्रीज ने धान की खरीद की है। इन निजी खरीद एजेंसियों के मालिकों की माने तो इस बार इनका लक्ष्य मंडी से 7 लाख क्विंटल धान की खरीद करना है। फिलहाल 1509 की खरीद की जा रही है। 1509 की क्वालिटी मुच्छल के बराबर है।
निजी एजेंसियां व एक्सपोर्टर 1509 के भाव अन्य एजेंसियों के मुकाबले सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल अधिक दे रहे हैं। इसके अलावा 1121 किस्म का धान भी बहुत अच्छी क्वालिटी होने पर निर्यात किया जाता है। वर्तमान में इसके भाव 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल है। गांव हसंगा के किसान सेवा सिंह ने बताया कि वह कई सालों से मुच्छल व बासमती धान बीज रहा है। उसके धान की क्वालिटी काफी अच्छी होती है। जिसका वो बीज बनाकर भी बेच रहा है। यही कारण है कि धान पकने के साथ ही एक्सपोर्टर उसके खेत में आकर ही बाजार भाव से अधिक सौदा कर लेते हैं।

निर्यातक बोले, सरकार निजी निर्यातकों को भी दे बढ़ावा
'फतेहाबाद के बासमती चावल का निर्यात हम निरंतर विश्व के अनेक देशों में करते हैं। इस बार फसल और भाव दोनों अच्छे हैं। किसानों को खूब फायदा हो रहा है। सरकार अब निर्यातकों के बारे में भी सोचे और उनको भी कुछ सुविधाएं उपलब्ध करवाए।’
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अजय जिंदल, चेयरमैन, जिंदल इंडस्ट्रीज, फतेहाबाद ।

'हम बासमती ही नहीं, बल्कि फतेहाबाद जिले और हरियाणा प्रांत का नाम भी तो विश्वपटल पर चमका रहे हैं। टोहाना के बासमती चावल की गुणवत्ता सबसे अच्छी होती है और इसका भाव भी पूरे देश में सबसे अधिक होता है। ऐसे में सरकार निजी निर्यातकों की भी सुध लेकर उन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए।’
ईश सरना, चेयरमैन, सरना इंडस्ट्रीज, टोहाना ।

25एफटीबीपी21 : फतेहाबाद की जिंदल इंडस्ट्रीज, जहां से धान से बासमती चावल निकालकर निर्यात होता है।
25एफटीबीपी22 : अजय जिंदल, चेयरमैन, जिंदल इंडस्ट्रीज, फतेहाबाद ।
25एफटीबीपी23 : ईश सरना, चेयरमैन, सरना इंडस्ट्रीज, टोहाना ।
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