हिसार रैली में बढ़चढ़ कर भाग लेंगी आशा वर्कर्स : जाण्डली
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/भट्टू।
आशा वर्करों से बेगार में काम करवाने, शोषण के खिलाफ, नौकरी पक्की, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करवाने और सबके लिए स्वास्थ्य की आड़ में आशा वर्करों के रोजगार पर हमले के खिलाफ तीन अक्तूबर को हिसार में होने वाली किसान मजदूर रैली में आशा वर्कर्स कर भाग लेंगी। यह बात सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली ने पीएचसी बनगांव, भट्टूकलां और पीलीमंदौरी में आशाओं की बैठक को संबोधित करते हुए कही। मीटिंग की अध्यक्षता सीएचसी भट्टू की प्रधान ब्रह्मी देवी ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी अभियान हो या फिर कोई सर्वे, सबसे पहले आशा वर्करों को सामाजिक कार्यकर्ता की दुहाई देकर काम करवाया जाता है। वेतन के नाम पर केवल एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन बजटों में स्वास्थ्य बजट के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं के बजट में कटौती की जा रही है। परिणामस्वरूप सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुविधाओं का अभाव रहता है। ब्रह्मी देवी और सरीना पीलीमंदौरी ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का खोखला नारा दे रही है, जबकि उन्हें काम का पूरा मेहनताना तक नहीं दिया जाता। उन्होंने आह्वान किया कि इस शोषण के खिलाफ तीन अक्तूबर को हिसार रैली में आशा वर्कर शामिल होंगी। मीटिंग में सोमवती शेखुपुर, मंजू देवी, मनीता बनमंदौरी, सीता मेहूवाला, राजबाला, सरला देवी, सुनीता जाण्डवाला, सरोज दैयड़, मदीना, सुमन देवी, गीता आदि आशा वर्कर्स शामिल थी।