फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग नागरिक अस्पताल के 42 साल पुराने भवन की मरम्मत करवाने जा रहा है। इसमें पुराने बिजली तार को भी बदला जाना है। लोक निर्माण विभाग ने सिविल सर्जन कार्यालय को सिविल वर्क और इलेक्ट्रिशियन काम और शौचालयों निर्माण के लिए तीन एस्टीमेट दिए हैं।
करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत ये काम होंगे। सिविल सर्जन कार्यालय ने एस्टीमेट को मंजूरी के लिए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को भेज दिया है। यहां से मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग काम शुरू करेगा। हालांकि नागरिक अस्पताल अगले साल सेक्टर 9 में 200 बेड के नए भवन में भी शिफ्ट होना है।
अधिकारियों की माने तो भवन की देखभाल को लेकर मुख्यालय मरम्मत कार्य करवा रहा है। ऐसे में काम को मंजूरी मिल सकती है। भवन को जर्जर घोषित नहीं किया गया है। अगर अस्पताल नए भवन में शिफ्ट होता है तो अन्य सुविधाएं यहां शुरू हो सकती हैं।
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निर्माण के बाद से नहीं हुआ बड़े काम
नागरिक अस्पताल का निर्माण वर्ष 1983 में हुआ था। इसके बाद विभाग ने छुटपुट मरम्मत कार्य करवाए हैं। निर्माण के बाद से बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य नहीं हुए हैं। इस कारण अस्पताल में बारिश के दौरान जलभराव, छतों से पानी टपकने की समस्या रहती है। लोक निर्माण विभाग चार करोड़ से पूरी बिल्डिंग में मरम्मत कार्य करवाएगा। लोक निर्माण विभाग की इलेक्ट्रिशियन विंग अस्पताल में पुरानी बिजली की तार बदलेगा। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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अस्पताल में बनेंगे तीन शौचालय
नागरिक अस्पताल प्रशासन 60 लाख से तीन शौचालयों का निर्माण करवाएगा। एक शौचालय का निर्माण पोस्टमार्टम गृह, दूसरे का नेत्र विभाग के पास और तीसरे का निर्माण मुख्य गेट के पास करवाने की योजना है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से ही ये सब निर्माण होगा।
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30 जून तक किया जाना एंक्वास के लिए आवेदन
नागरिक अस्पताल प्रशासन 30 जून तक एंक्वास यानी इंटरनल क्वालिटी इंश्योरेंस सिस्टम के तहत आवेदन किया जाना है। इस बारे में बठिंडा की टीम आंतरिक मूल्यांकन कर चुकी है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. रत्ना भारती भी निरीक्षण कर चुकी है। अगर अस्पताल नियमों पर खरा उतरता है तो ही सर्टिफिकेट जारी हो पाएगा और बजट भी जारी होगा। इसे लेकर फिलहाल विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर रखी है। अस्पताल भवन पर बाहरी तरफ पेंट करवाया जा रहा है।
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नागरिक अस्पताल भवन में मरम्मत कार्य करवाए जाने हैं। बिजली संबंधित काम भी होने हैं। इस बारे में लोक निर्माण विभाग की तरफ से एस्टीमेट आ चुका है। मुख्यालय में मंजूरी के लिए भेज दिया है।
- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन।