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बाबा के खिलाफ पहले से केस लड़ रहे वकील को कोर्ट ने सौंपा था बाबा की पैरवी का जिम्मा, वकील ने ठुकराया

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। यौन शोषण के आरोपों में फंसे बाबा बिल्लू के मामले में एक और नाटकीय घटनाक्रम हुआ है। बीते दिन कोर्ट में पेशी के दौरान कोई वकील उपलब्ध न होने के चलते कोर्ट ने लीगल पैनल के जरिये टोहाना के वकील एडवोकेट संजय वर्मा को बाबा की कागजी कार्यवाही करने को कहा लेकिन एडवोकेट संजय वर्मा ने इसके लिए ससम्मान कोर्ट को मना कर दिया। दरअसल संजय वर्मा ने तर्क दिया कि वह पहले से ही बाबा बिल्लू के खिलाफ पहले लगाए गए दुष्कर्म केस में बाबा के खिलाफ जिरह कर रहे हैं। ऐसे में इस केस में बाबा की ओर से पेश होना उचित नहीं रहेगा। इसके बाद कोर्ट ने उनकी जगह पर किसी अन्य वकील को बाबा की कागजी कार्यवाही का जिम्मा सौंपा।
गौरतलब है कि बीते वर्ष अक्तूबर में भी एक महिला ने बिल्लू पर बलात्कार का आरोप लगाया था लेकिन बाद में उक्त महिला के खिलाफ ही ब्लैकमेलिंग का मामला बना दिया गया था। इस मामले में शिकायतकर्ता महिला की ओर से टोहाना पुलिस पर आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने पैसे लेकर बाबा का साथ दिया था। बताया जा रहा है कि मौजूदा मामला भी उसी केस से जुड़ा हुआ है। सूत्रों की मानें तो दरअसल जिस बिचौलिये के जरिये बाबा व उसके परिजनों ने पुलिस कर्मचारियों से बात कर शिकायतकर्ता महिला को फंसवाया था, उससे पैसों के लेन-देन की बात तय हुई थी। लेकिन सूत्रों के अनुसार बाबा ने जमानत मिलते ही पैसे देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद कथित बिचौलिये ने इस मामले को हवा देते हुए बाबा के वीडियो वायरल करवा दिए। अभी तक बिचौलिये की पहचान सामने नहीं आ सकी है।
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वर्जन
मैं बाबा बिल्लु के खिलाफ दुष्कर्म के एक केस में पहले से जिरह कर रहा हूं। बीते दिन रिमांड के दौरान माननीय जस्टिस विनय शर्मा की अदालत द्वारा कागजी कार्यवाही करने को कहा गया, जिस पर मैने अपना पक्ष रखते हुए सारी बात कह दी। जिसके बाद किसी अन्य वकील को ये जिम्मेदारी सौंपी गई।’
संजय वर्मा, बाबा के खिलाफ केस लड़ रहे वकील ।
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