अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
नोटबंदी के दौरान फर्जी पुलिसकर्मी बनकर बालसमंद निवासी सुनील कुमार से 9 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहचान जांडलीखुर्द निवासी बलराज व उकलाना निवासी कुलदीप के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों सतनाम निवासी हिसार, फौजा सिंह, रविन्द्र निवासी राजस्थान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस बलराज को सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई, जिसके बाद पुलिस ने बलराज का रिमांड लेकर पूछताछ की तो उसने उकलाना निवासी कुलदीप को इस वारदात में शामिल होना कबूला, जिस पर पुलिस ने बलराज की निशानदेही पर कुलदीप को कल सांय उकलाना से काबू कर लिया।
बता दें कि नोटबंदी में बालसमंद निवासी सुनील कुमार से इन लोगों का पुराने नोट लेकर नए नोट देने का सौदा तय हुआ था। आरोप है कि जब सुनील कुमार पुराने नोट बदलवाने के लिए पहुंचा तो उक्त लोगों ने पुलिसकर्मी बन इनोवा गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर सुनील से 9 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले सुनील ने जब पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने जांच की तो पता चला कि ठगी करने वाले कोई पुलिसकर्मी नहीं है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी तथा तीन आरोपियों को पहले ही काबू कर लिया था।
नीली बत्ती लगाकर नोटबंदी में 9 लाख ठगने वाले गिरोह के दो और सदस्य काबू
पुलिसकर्मी बनकर वारदात को दिया अंजाम, तीन आरोपी पहले ही किए जा चुके हैं गिरफ्तार