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Fatehabad News: गोवर्धन पूजा में 56 भोग लगाए, श्रद्धालुओं ने की पर्वत की परिक्रमा

Fri, 02 Oct 2026 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। श्री मद् भागवत कथा के दौरान श्री गोवर्धन पूजा करते साध्वी शांत योगानंद व अन्य श्रद्धा
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फतेहाबाद। परमहंस श्री योग दरबार स्थित श्री योग अनुभव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया गया। व्यास पीठ से साध्वी शांत योगानंद ने माखन चोरी, गौचारण, कालिय नाग और पूतना वध के प्रसंगों का वर्णन किया।
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कथा के दौरान गोवर्धन पूजा उत्सव मनाया गया और गोवर्धन नाथ को 56 भोग अर्पित किए गए। साध्वी शांत योगानंद ने पूतना वध का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को मारने के उद्देश्य से आई पूतना ने जब उन्हें स्तनपान कराया तो भगवान ने दूध के साथ उसके प्राण भी खींच लिए।
भगवान ने उसे मां की गति प्रदान कर उसका कल्याण किया। उन्होंने कहा कि गोमाता सभी प्रकार के दोषों का शमन करने वाली हैं। साध्वी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भाव से भगवान की शरण में आए तो वे उसका कल्याण करते हैं। जिस प्रकार अग्नि का स्वभाव ताप देना है उसी प्रकार भगवान का स्वभाव कल्याण करना है।
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गोवर्धन प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों से इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन नाथ की पूजा करने को कहा। इससे रुष्ट होकर इंद्र ने मूसलाधार वर्षा की। तब भगवान ने अपनी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। अंत में इंद्र का अभिमान टूटा और उन्होंने भगवान से क्षमा मांगी।
यह प्रसंग प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और भगवान पर पूर्ण विश्वास का संदेश देता है। इस अवसर पर गोवर्धन नाथ की सुंदर झांकी सजाई गई और 56 भोग लगाए गए। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर प्रसाद ग्रहण किया। कथा में नरेश मदान, सुरेश मेहता, मेहरचंद कक्कड़, गोल्डी नारंग, सुरेश चानना, नरोत्तम जांगड़ा, निशांत मेहता, आशु रुखाया और राहुल सैन सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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