अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/टोहाना/जाखल/भूना। वीरवार को जिले के कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। वहीं फतेहाबाद में महज पांच मिनट की बूंदाबादी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ बारिश होती तो ये फसलों के लिए काफी फायदेमंद थी। लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि व तेज हवाएं गेहूं के लिए नुकसानदेय साबित हो सकती हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में बादल मंडरा रहे थे। इस समय गेहूं की फसल फुटाव पर है और बढ़वार चल रही है। सरसों की फसल के भी फूल खिले हुए हैं और इस मौसम में बरसात होती तो किसानों को सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती। सिंचाई पर खर्च होने वाला पैसा बच जाता। इस सिंचाई के बाद किसान खेत में यूरिया डालेंगे तो फसल लगभग पकाई की ओर बढ़ जाएगी, लेकिन टोहाना व जाखल के कुछ गांवों में ओलावृष्टि होने से दोनों ही फसलों को नुकसान होने की आशंका बन गई है। जाखल के सिधानी गांव के किसानों में अमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, सतीश कुमार, उत्तम सिंह आदि ने कहा की वह इस बारिश से खुश तो हैं कि फसलों पर सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन उन्हें इस बात का डर भी सता रहा है कि जिस तरह से इलाके में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, वो उनकी फसलों को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
उधर दूसरी ओर वीरवार दोपहर बाद भूना खंड के गांव लहरियां, खासा पठाना, ढाणी गोपाल, ढाणी सांचला-भोजराज व आसपास क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। जिससे गेहूं व सरसों की फसलों की पैदावार प्र्रभावित हुई है। हालांकि इन गांवों में सुबह से ही शीत लहर चल रही थी और बादल आसमान में छाए हुए थे। किसान रामचंद्र, दलीप सिंह, कृष्ण कुमार, राम जी लाल, धर्मबीर, जगदीश चंद्र आदि ने बताया कि सूखी ओलावृष्टि फसलों की अत्यधिक नुक्सानदायक है। जिस भी पौध पर ओले गिरे हैं, वह पौधा दो दिन बाद ही पूरी तरह से मुरझा जाता है और पैदावार में भी गिरावट आती है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. बलवंत सिंह के अनुसार सिर्फ बारिश फसल घे लिए वरदान हैं लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि घातक है। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं से गेहूं का तना नीचे बिछ जाएगा और फिर बरसात के पानी में भीगने से उसे दोबारा खड़ा होने की ताकत नहीं मिल सकेगी। डा. बलवंत ने बताया कि अब तक जनवरी-फरवरी में बारिश किसानों के अनुकूल रही है और अभी तक जिले में गेहूं की फसल सही खड़ी है। जिन सब्जियों की पौध किसानों ने बीज रखी है, उनके लिए ये बारिश व ओले नुक्सानदेय साबित हो रहे हैं। जिला बागवानी अधिकारी कुलदीप श्योराण के अनुसार इस समय टमाटर व मिर्च की पौध किसानों ने तैयार कर रखी है, लेकिन अन्य फसलों को इससे नुकसान नहीं है।
राजस्व विभाग के अनुसार फतेहाबाद जिले में जनवरी माह में 15 एमएम व फरवरी में अभी तक दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। ये बारिश गेहूं के लिए अच्छी मानी गई है हालांकि इससे पूर्व दिसंबर में भी 14 एमएम बारिश हुई थी। उस समय बिजाई चलने से वो बारिश भी अनुकूल थी।