अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। आजाद नगर स्थित बस्ती भलादिया के मिडल स्कूल में शुक्रवार को कपड़े बांटने पहुंचे सेवा भारती संस्था के संरक्षक 71 साल के हीरा लाल गुप्ता 30 फीट से अधिक गहरे बोरवेल में गिर गए। इस हादसे में हीरालाल गुप्ता की जान तो बच गई लेकिन उन्हें काफी चोटें आई हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुंडू ने इस मामले में जांच करवाने की बता कही है। स्कूल प्रिंसिपल ओमप्रकाश से जब इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया गया तो बार-बार उनका फोन बिजी ही बताता रहा।
मिली जानकारी के अनुसार सेवा भारती की एक टीम शुक्रवार को आजाद नगर स्थित बस्ती भलादिया मिडल स्कूल की छात्राओं को एक कार्यक्रम के तहत महत्वपूर्ण जानकारी देने और बच्चों को यूनिफार्म बांटने के सिलसिले में स्कूल गई हुई थी। टीम में सेवा भारती महिला विंग हिसार की जिला प्रधान अनुपमा अग्रवाल व सेवा भारती गुड़गांव से आई बृजकुमारी सेवा भारती फतेहाबाद के प्रधान विरेंद्र नारंग, अशोक धमीजा व सेवा भारती महिला विंग प्रधान सुमनबाला मेहता, महिला विंग सचिव नीलम मेहता शामिल थे। इसी कार्यक्रम के दौरान सेवा भारती संस्था के संरक्षक हीरालाल गुप्ता लघुशंका के लिए आजाद नगर सरकारी स्कूल परिसर में ही बने शौचालय की ओर जा रहे थे। रास्ते में स्कूल प्रबंधन ने एक और शौचालय के लिए ढाई फुट चौड़ा और लगभग 30 फुट गहरा बोरवेल खुदवा रखा है और उसे एक पतली प्लाई से ढका हुआ था। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने बोरवेल के आसपास कोई चेतावनी का संकेत या बोर्ड तक नहीं लगाया हुआ था। जिसके कारण शौचालय जाते समय हीरालाल गुप्ता इस प्लाई के ऊपर से निकलने लगे तो वो प्लाई टूट गई और हीरालाल गुप्ता सीधा उस बोरवेल के अंदर जा गिरे। उनका शोर सुनकर स्कूल स्टाफ व सेवा भारती संस्था के बाकी सदस्य मौके पर पहुंचे और हीरालाल गुप्ता की आवाज बोरवेल से आते देखकर सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। बाद में सेवा भारती सदस्य वीरेंद्र नारंग व अन्य ने तुरंत एंबुलेंस व फायर बिग्रेड की गाड़ियों को सूचित किया। जिसके बाद कड़ी मशक्कत से रस्सी डालकर हीरा लाल गुप्ता को बाहर खींचा गया। इस दौरान हीरालाल गुप्ता अचेत हो गए जिसके बाद उन्हें पहले एमआरआई सेंटर व बाद में नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां से उन्हें उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन इस हादसे के बाद कुछ भी बोलने से बचता फिरता रहा है। स्कूल प्रिंसिपल ओमप्रकाश का फोन लगातार बिजी आता रहा। इतना ही नहीं, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुंडू को इस हादसे के बारे में बताया ही नहीं गया। ‘अमर उजाला’ ने जब इस बारे में उनसे बात की तो उन्होंने इस घटना से अनभिज्ञता जाहिर की। इसके बाद जब उन्हें सारा मामला बताया गया तो उन्होंने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया और कहा कि वे इस बारे में स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगेंगे।
स्कूल में पढ़ते हैं करीब तीन सौ बच्चे, फिर भी नहीं रखा गया सुरक्षा का ध्यान
आजाद नगर स्थित बस्ती भलाडिया सरकारी स्कूल में तीन सौ के करीब बच्चे हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा बोरवेल को लेकर कई लापरवाहियां बरती। बोरवेल शौचालय के रास्ते में ही खोदा गया है और उसके पास से रोजाना सैकड़ों बच्चे गुजरते हैं। बोरवेल के ऊपर एक पतली प्लाई रखी गई थी जो थोड़ा वजन आते ही टूट गई। हीरालाल गुप्ता वयस्क हैं तो उन्होंने खुद भी बोरवेल के अंदर खुद को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अगर कहीं खुदा ना खास्ता, इस बोरवेल में अगर कोई बच्चा गिर जाता तो उसे बचाना और ज्यादा मुश्किल हो सकता था।