अमित रूखाया/सुशील सिंगला
फतेहाबाद/टोहाना। टोहाना के गांव कन्हेड़ी निवासी तीन युवकों के नरवाना के कालवन गांव के पास रेलवे लाइन पर शव मिलने की घटना ने पुलिस सहित परिजनों को सकते में डाल दिया है। लेकिन तीनों युवकों के सोशल मीडिया प्रोफाइल कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। जींद रेलवे पुलिस के सूत्रों की मानें तो तीनों युवकों ने अपना एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप ‘यारों का यार’ और ओनली स्टेटस बनाया हुआ था। इस ग्रुप में मंगलवार रात 11 बजे तीन दोस्तों में से दो दोस्तों अशोक व नवीन ने मैसेज लिखा कि ये उनका आखिरी मैसेज है। इसके बाद दो दोस्तों के फोन बंद हो गए जबकि तीसरे दोस्त मोनू का फोन सुबह तक बजता रहा। इसके बाद सुबह तीनों के शव ट्रेन से कटे हुए रेलवे की पटरियों पर मिले। रेलवे पुलिस अब इस एंगल से भी मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर तीनों के बीच आखिरी वक्त में क्या बात चल रही थी और घर से निकलने के बाद वो कहां-कहां गए थे।
फेसबुक प्रोफाइल भी संदिग्ध, मौत वाले स्टेटस और आत्महत्या करते कार्टून की लगी है फोटो
तीनों युवकों की फेसबुक प्रोफाइल इस बात की आशंका व्यक्त कर रही है कि मोनू और नवीन आत्महत्या के बारे में सोचते थे। दरअसल नवीन की फेसबुक प्रोफाइल में ऐसे कार्टून का फोटो लगा हुआ है जिसने अपनी कनपटी पर पिस्तौल तानी हुई है। वहीं मोनू ने बीते दिन ही अपनी फेसबुक कवर फोटो की जगह पर एक शायरी वाली पोस्ट अपडेट की है जिसके बोल भी कहीं ना कहीं संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। एम. नैन नामक आईडी से मोनू ने लिखा कि ‘अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो, दिल से दुआ करो कि तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाए और हमारी जिंदगी भी’। 22 अगस्त की सुबह मोनू के अपने दो दोस्तों के साथ शव मिले हैं और 21 अगस्त की सुबह सवा नौ बजे उसने ऐसी पोस्ट शेयर की थी।
फेसबुक पोस्ट्स का खुलासा, दोस्ती को लेकर आपस में था गहरा प्यार
मोनू, नवीन और अशोक की आपस में काफी गहरी दोस्ती थी, ये बात उनके सोशल मीडिया अकाऊंट्स पर भी झलकती है। तीनों दोस्तों ने अपनी फेसबुक आईडी पर एक-दूसरे की फोटो तो डाल ही रखी हैं, साथ ही यारी-दोस्ती को दिखाते स्टेटस और पोस्ट्स भी डाल रखी हैं। मसलन एक फोटो डाला हुआ है जिसमें लिखा है कोन्या होणा कामयाब एकला, यारां गेल बर्बाद ए ठीक सैं’। इसी तरह इनकी एक और ग्रुप फोटो है जिसपर लिखा गया है कि ‘रे लाडले बदमाशी का शौक कोन्या, भाइयां खातर जान दे भी सकां तो ले भी स्कां हां’। इन पोस्ट्स को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपसी दोस्ती को तीनों दोस्त बहुत मानते थे। मंगलवार सुबह जिस समय युवकों के शव सबसे पहले देखे गए, उस समय भी तीनों के हाथ एक दूसरे के गले में थे।