अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिला नगर योजनाकार की टीम ने बिना सीएलयू लिए नेशनल हाईवे पर अवैध निर्माण करने पर छह अवैध ढाबों को जेसीबी की मदद से गिरा दिया जबकि एक चालू ढाबे को सील कर दिया गया। ये कार्रवाई जिला नगर योजनाकार कर्मबीर झांझडिय़ा व डयूटी मैजिस्ट्रेट बीडीपीओ सोमबीर कादियान के नेतृत्व में की गई। इस मौके पर जिला नगर योजनाकार की टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। डीटीपी ने बताया कि अवैध निर्माण गिराने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
मिली जानकारी के अनुसार जिला नगर योजनाकार विभाग ने दरियापुर में अवैध रूप से निर्माण किए जा रहे ढाबे के मालिक रामेश्वर दास तथा धांगड़ ढाबे के मालिक गजानंद, बड़ोपल के फेमस ढाबे के मालिक संतलाल मुकेश कुमार, फैमिली ढाबा व गॉड वैष्णो ढाबा के मालिक हजारी लाल को दो माह पहले अवैध निर्माण के मामले में नोटिस जारी किए थे। जिला नगर योजनाकार कर्मबीर झांझरियां ने बताया कि इन लोगों ने नेशनल हाइवे के दोनों तरफ हिसार रोड पर पंजाब शेड्यूल रोड एंड रिस्ट्रैक्शन आफ कंट्रोल एरिया एक्ट 1963 की धारा 3, 6 और 7 का उल्लंघन करके अवैध निर्माण बनाए थे। इन लोगों को नोटिस देकर चेतावनी दी गई लेकिन दो माह बीतने के बावजूद भी इन्होंने ना तो परमिशन के लिए आवेदन किया और ना ही निर्माण को गिराया। एक सप्ताह पहले भी इन सभी अवैध ढाबों के मालिकों को नोटिस भेजकर अवैध निर्माण गिराने की चेतावनी दी गई थी लेकिन उक्त ढाबा संचालकों ने नोटिस की कोई परवाह नहीं की। मंगलवार को डीटीपी ने उपायुक्त डा. हरदीप सिंह से अवैध निर्माण गिराने के मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट गिराने की मांग की। उपायुक्त ने फतेहाबाद के बीडीपीओ सोमबीर कादियान को डीटीपी नियुक्त करके साथ में पुलिस बल भेजने की अनुमति दी। मंगलवार को डीटीपी ने जेई संदीप पंवार, सुरेश कुमार व फील्ड इन्वेस्टीगेटर की टीम का गठन किया और इन सभी छह निर्माणों को जेसीबी की मदद से गिरा दिया जबकि बड़ोपल नहर पर स्थित फैमिली टॉप ढाबे के पुराने हिस्से को सील कर दिया गया जबकि नए बने निर्माण को गिरा दिया। धांगड़ के बजरंग के ढाबे पर जब जिला नगर योजनाकार की टीम द्वारा जेसीबी की मदद से निर्माण गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई तो टीम के सदस्यों ने छत पर लगे सोलर पैनल, बैटरियां और अन्य उपकरण हटा लेने को कहा लेकिन ढाबा मालिक अपनी जिद पर ही अड़ा रहा। इस पर जेसीबी ने पूरे लेंटर को ढहाया ही, साथ ही सोलर पैनल को भी गिरा दिया। बताया गया है कि अकेले सोलर पैनल की कीमत ही दो से ढाई लाख थी। ये निर्माण अभी चल रहा था। जिला नगर योजनाकार कर्मबीर झाझरियां ने बताया कि फतेहबाद से हिसार सीमा तक ये अवैध निर्माण गिराने का सिलसिला लगातार चलता रहेगा।