फतेहाबाद।
आखिरकार प्रदेश के 15 लाख 30 हजार बच्चों के लिए मिड-डे मील में फ्लेवर्ड दूध की परिकल्पना साकार होने वाली है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में बच्चों को फ्लेवर्ड दूध मिड-डे मील में देने के लिए अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए बुधवार को सिरसा जिले में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें फतेहाबाद जिले से 6 अध्यापक मास्टर ट्रेनर कोर्स का प्रशिक्षण लेंगे और वापस लौटकर पूरे जिले के अध्यापकों को फ्लेवर्ड दूध बनाना सिखाएंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने इसकी पुष्टि की है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न क्लस्टर सेंटर बनाये गए हैं, जहां पर दो-तीन जिलों के मास्टर ट्रेनरों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी तरह अन्य जिलों में भी साथ लगते शहर में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
पांच फ्लेवर किए जाएंगे तैयार, मिल्क पाऊडर से तैयार होगा दूध
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मिड-डे मील में बच्चों को पांच प्रकार के फ्लेवर्ड वाले दूध दिए जाएंगे। इसमें रोज, वनीला, चोकोबार, कारडेमन और पाइन एप्पल का फ्लेवर शामिल होगा। इसके लिए फ्लेवर के साथ दूध तैयार करना सिखाया जाएगा। इसके लिए बुधवार को सिरसा में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा रोजाना दूध को लाने-ले जाने या खराब होने का झंझट ना हो, इसके लिए सामान्य दूध की बजाय मिल्क पाऊडर से दूध तैयार किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन दो सौ ग्राम दूध दिये जाने की योजना है।
हैफेड उपलब्ध कराएगा मिल्क पाऊडर
जारी निर्देशों के अनुसार, दूध को देने की प्रक्रिया में स्कूल स्तर पर कुछ नहीं खरीदा जाएगा। मिड-डे मील के बाकी सामान मसलन सब्जियां, चावल, खीर के लिए दूध, आटा, सोया आदि की खरीदादारी स्कूल स्तर पर होती थी। लेकिन इस विशेष मामले में मिल्क पाऊडर की सप्लाई हैफेड द्वारा की जाएगी। एक थैली मिल्क पाऊडर में दस लीटर गर्म पानी मिलाने से 55 विद्यार्थियों के लिए फ्लेवर्ड दूध तैयार हो सकेगा।
एक साल बाद पूरी होगी घोषणा
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रतिदिन दो सौ ग्राम दूध देने का ऐलान सीएम मनोहर लाल ने पिछले साल दिसंबर में फतेहाबाद में आयोजित जनसभा में ही किया था। हालांकि सीएम की घोषणा को जमीन पर उतरने में एक साल बीत गया। अगर यह योजना सही ढंग से सिरे चढ़ती है तो प्रदेश के लाखों बच्चों को इसका फायदा मिलेगा। डायरेक्ट दूध मिलने से बच्चों में विभिन्न विटामिन और पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।
अभी यह मिल रहा मिड-डे मील में
पहली से पांचवी कक्षा
1. खीर
2. सब्जी पुलाव
3. दलिया
4. मीठा पूड़ा
छठी से आठवीं कक्षा
1. खीर
2. मिस्सी रोटी-सब्जी
3. हलवा-काले चने
4. रोटी और दाल-घिया
5. मीठा दलिया
6. सोया पूरी-सब्जी
प्रदेश के 11 हजार सरकारी स्कूलों के 15 लाख बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ
हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में दूध दिये जाने का फायदा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 15 30 हजार से अधिक बच्चों को होगा। फिलहाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को ही मिड-डे मील दिया जाता है। शिक्षा विभाग के औपचारिक आंकड़ों की मानें तो प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा में 9 लाख 12 हजार 154 बच्चे और छठी से आठवीं तक 6 लाख 18 हजार 674 बच्चे रोजाना मिड-डे मील ग्रहण करते हैं। फतेहाबाद जिले में ये आंकड़ा पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक कुल 73 हजार तक पहुंचता है।
वर्जन
'मिड-डे मील में फ्लेवर्ड दूध दिए जाने की योजना है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शिविर बुधवार को है। इसके बाद ये मास्टर ट्रेनर जिलेभर के अध्यापकों को ट्रैनिंग देंगे। उम्मीद है कि अगले माह से मिड-डे मील में दूध दिए जाने की शुरुआत हो सकेगी।’
संगीता बिश्रोई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।