अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदेश के बुजुर्गों को रोडवेज बसों में मिलने वाली आधे किराये की सुविधा वापस लेने का आदेश जारी करने वाले फतेहाबाद रोडवेज के महाप्रबंधक आरएस पूनिया को सरकार ने निलंबित कर दिया है। रोडवेज विभाग के डीजी विकास गुप्ता ने जीएम पूनियां के निलंबन आदेश जारी किए हैं। हालांकि रोडवेज जीएम आरएस पूनिया ने अभी तक आदेश की प्रति मिलने से इंकार किया है। जबकि उनके निलंबन के सरकारी आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है।
बीते विधानसभा सत्र के दौरान रोडवेज बसों में बुजुर्गों के किराया के संदर्भ में एक सरकारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद विधानसभा में हंगामा हुआ था। विपक्ष ने विधानसभा के अंदर सरकार पर बुजुर्गों की सुविधाएं वापस लेने के आरोप जड़े थे। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने विधानसभा में भी बयान दिया था कि इस तरह का कोई आदेश न तो सरकार की ओर से और न ही उनके खुद की ओर से दिया गया है।
सीएम ने विधानसभा में सदन को विश्वास दिलाया था कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि चूंकि सोशल मीडिया पर वायरल आदेशों वाला पत्र फतेहाबाद रोडवेज जीएम की ओर से जारी किया गया है तो सबसे पहले कार्यवाही रोडवेज जीएम फतेहाबाद के खिलाफ ही होगी और कमोबेश हुआ भी कुछ ऐसा ही। वीरवार सुबह पहले सरदूलगढ़ टिकट चेकिंग विवाद में पांच सब-इंस्पेक्टरों के निलंबन आदेश जारी हुए तो साथ ही विभाग में रोडवेज जीएम के निलंबन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद वीरवार दोपहर 12 बजते बजते जीएम रोडवेज आरएस पूनियां के निलंबन आदेश भी आ ही गए। इतना ही नहीं, पूनिया के निलंबन आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर भी तुरंत ही वायरल हो गई। हालांकि खुद आर एस पूनियां ने अभी तक अपने निलंबन की पुष्टि नहीं की है।
मेरे पास अभी तक किसी प्रकार के कोई आदेश नहीं आए हैं। जब तक आदेशों की प्रति मुझ तक नहीं पहुंचती, तब तक इस संदर्भ में कुछ नहीं कह सकता।
आरएस पूनिया, रोडवेज महाप्रबंधक, फतेहाबाद ।