बराला परिवार दो फाड़, भतीजे ने हजारों समर्थकों के साथ छोड़ी भाजपा
टोहाना।
आखिरकार टोहाना का प्रतिष्ठित बराला परिवार राजनीतिक रूप से दो फाड़ हो ही गया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के भतीजे एवं भाजपा नेता जनक बराला व उनके भाई सरपंच रामचंद्र बराला ने पूर्व एलान के मुताबिक वीरवार को भाजपा छोड़ने का एलान कर दिया। टोहाना के गांव बिढ़ाईखेड़ा में जनक बराला की ओर से आयोजित भाईचारा जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी और जनसभा में उमड़ी भीड़ ने एकसुर में हमेशा जनक बराला के साथ खड़ा होने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में कुशल मंच संचालन सुखविंद्र सिंह ने किया।
इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में जनक बराला ने भाजपा छोड़ने का एलान करते हुए जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह बड़ी उम्मीदों के साथ सुभाष बराला के साथ भाजपा से जुड़े थे। लेकिन धीरे-धीरे समझ आने लगा कि सुभाष बराला लोकतंत्र के विरोध में काम कर रहे हैं। जनक बराला ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता व आमजन दोनों ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के कामों से नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि सुभाष बराला ने उनके इस जनसभा को बिगाड़ने के लिए ओछी राजनीति अपनाई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा सुभाष बराला ने अपने पोते के माध्यम से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ न केवल दुसप्रचार करवाया बल्कि उनकी जनसभा को रुकवाने के लिए भी खासे प्रयत्न किये। इतना ही नहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के भतीजे जनक बराला ने मंच के माध्यम से सुभाष बराला को चुनौती देते हुए कहा कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में वह आमने-सामने जनसभा करवा कर देख लें, और जान लें कि जनसमर्थन किसके साथ है।
ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे समर्थक, सुबह 9 बजे ही भरा पंडाल
गांव बिढ़ाईखेड़ा में जनक बराला की ओर से आयोजित भाईचारा जनसभा की सफलता को लेकर कुछ लोगों को संशय था लेकिन सुबह के नौ बजते-बजते सारा संशय दूर हो गया। वीरवार सुबह टोहाना से तकरीबन 8 किलोमीटर दूर स्थित बिढाईखेड़ा गांव में आयोजित इस जनसभा में जनक बराला के समर्थकों ने ढोल नगाड़ों के साथ भाग लिया। धान की कटाई जैसे व्यस्त समय के बावजूद हजारों की तादाद में लोगों का जनसभा में पहुंचना अपने आप में जनक बराला को मजबूत कर गया। कुछ लोग तो बाकायदा इस जनसभा में ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे थे।
पत्रकारों से बोले जनक, पीएम और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे पत्र
जनसभा के बाद पत्रकारों से बातचीत में जनक बराला ने ये तो खुलासा नहीं किया कि अभी वो आगे किस राजनीतिक दल के साथ जुडे़ंगे लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि वो अपने समर्थकों के साथ विचार करके ही आगे का फैसला लेंगे। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पार्टी छोड़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र भेजे हैं लेकिन फिलहाल उन्होंने ये बताने से इंकार कर दिया कि इन पत्रों के अंदर उन्होंने क्या लिखा है। इस मौके पर समाजसेवी आजाद राठी, समाजसेवी आजाद किनरा, समाजसेवी गुरदयाल बुढानिया, नंदलाल बराला, सरपंच रामू बराला ने भी जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर पंच वीरेंद्र बराला, पंच सुशील बराला, पंच रमेश बुढानिया, पंच प्रतिनिधि सूरज बराला, शीशपाल बराला, शमशेर बराला, तेजपाल बराला, जितेंद्र बराला, मनदीप बराला, पूर्व पार्षद ईसर सिंह, कर्मवीर पूनियां, हरपिंद्र सिंह, पूर्व सरपंच सज्जन सिंह, नौरंग जांगड़ा, सुरेंद्र मूंड, सुरजीत डांगरा, सुखदेव सिंह, अमीरचंद कथूरिया, तरुण मेहता, जिम्मी पाहवा, काका मिर्चा वाला, बिंदा बराला, सुशील बराला सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद र्थे। खेड़ा में आयोजित जनसभा में मंचासीन जनक बराला व अन्य ।