भूना। गांव धौलू के श्मशान घाट में तांत्रिक विद्या और टोने-टोटके करने के मामले में पांच आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान हिसार जिले के केलाना गांव निवासी गूगन राम और मोहित कुमार, गैबीपुर निवासी रमेश कुमार और निगम कुमार व बरवाला निवासी चंद्र प्रकाश के रूप में हुई।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही गांव से सैकड़ों लोग पुलिस स्टेशन पहुंच गए। एसएचओ की मौजूदगी में ग्रामीणों ने आरोपियों से श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया करने को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बीमार रिश्तेदार की मदद के लिए टोने-टोटके के तहत श्मशान घाट में मुर्गा और पानी का मटका रखा गया था। मगर आरोपियों ने चिता से छेड़छाड़ की बात को खारिज किया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
श्मशान घाट में मुर्गा व पानी का मटका रखकर आए थे आरोपी
आरोपी मोहित कुमार और गूगन राम ने बताया कि धौलू गांव के रोहताश कुमार और उनकी पत्नी लंबे समय से बीमार थे। वे राजस्थान के सजाड़ा धाम स्थित बाबा त्रिलोक भारती के मंदिर में जाते थे। वहां उन्होंने भूत-प्रेत और ऊपरी बाधा से पीड़ित होने की जानकारी दी थी। दावा है कि मंदिर में आने से पीड़ित व्यक्ति खुद ठीक होने लगता है। मगर रोहताश के परिवार की परेशानी दूर नहीं हुई। इसके बाद वे धौलू के श्मशान घाट में मुर्गा और पानी का मटका रखकर आए थे। पांचों आरोपियों ने ग्रामीणों और एसएचओ के सामने कबूल किया कि उन्होंने किसी की चिता से छेड़छाड़ नहीं की और न ही मुर्गे की बलि दी। उन्होंने सिर्फ मुर्गे की टांग बांधकर और पानी का मटका छोड़कर श्मशान घाट से नंगे पांव लौटने की बात कही। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी रोहताश कुमार को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, मगर उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था।
ग्रामीण बोले- आरोपी बार-बार बयान बदल रहे
धौलू गांव के जगदीश चंद्र धारनिया, राधेश्याम देहडू, निहाल सिंह, जय सिंह, रोहतास भादू, फौजी इंद्राज सिंह, संजय कुमार, रुलीराम, राजपाल सिंह, रामकिशन, सुरजीत सिंह और रमेश कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोपियों से पूछा कि श्मशान घाट में चिता के पास मुर्गे की बलि क्यों दी गई। मगर इसका खुलासा नहीं हुआ। आरोपी बार-बार बयान बदलते रहे। ग्रामीण पूरे घटनाक्रम की सच्चाई जानना चाहते थे, मगर संतोषजनक जवाब न मिलने पर वे लौट गए।
यह था पूरा मामला
जय सिंह ने पुलिस शिकायत में बताया कि 3 मार्च को गांव के रामकुमार का निधन हुआ था। 4 मार्च को जब परिवार के लोग चिता के पास पहुंचे तो उन्हें छेड़छाड़ की आशंका हुई। इसके बाद 7 मार्च को वहां लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। 9 मार्च की सुबह जब फुटेज चेक की तो रात के समय एक तांत्रिक मुर्गा और टोने-टोटके की सामग्री के साथ नजर आया। उसके साथ तीन अन्य लोग भी थे, जो सेंट्रो कार के पास उसकी मदद कर रहे थे। तांत्रिक और उसके साथी मुर्गे की बलि देने के बाद कार से चले गए। जय सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी रोहताश को गिरफ्तार कर लिया था।