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ठंड में भी उत्साह नहीं हुआ कम, 49 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान

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जिले के गांव कुलां में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन एवं लायंस क्लब कुलां के संयुक्त तत्वावधान में माता गुजर कौर और साहिबजादों के शहीदी दिवस पर गणेश मेडिकल हॉल पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया। ठिठुरती सर्दी के बावजूद उत्साह के साथ 49 रक्तदाताओं ने शिविर में रक्तदान कर मानवता की भलाई में अपना योगदान दिया। शिविर का शुभारंभ युवा समाजसेवी राजेंद्र सिंह काला ने किया जबकि अध्यक्षता लायंस क्लब के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने की। राजेंद्र सिंह काला ने कहा कि रक्तदान महादान है। इससे हमें दूसरों की जान बचाने का अवसर मिलता है। हमारा दिया हुआ रक्त जरूरतमंदों के काम आता है। मानव सेवा संगम चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सतपाल नन्हेड़ी ने कहा कि रक्तदान से हमारे शरीर को स्फूर्ति मिलती है। रक्त संचार भी दुरुस्त होता है इसलिए नियमित रूप से स्वस्थ युवाओं को हर तीसरे महीने रक्तदान करते रहना चाहिए। शिविर में टोहाना के मानव सेवा संगम ब्लड बैंक की टीम ने रक्त संग्रहित किया। रक्तदाताओं को स्टील का ग्लास व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अनिल जैन, कमल सरदाना, मनोज गौतम, हरकीरत गिल, पवन बंसल, रमेश बरेटा सहित कई रक्तदाता उपस्थित रहे।
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हर साल 25 दिसंबर को लगाते हैं शिविर
लायंस क्लब के प्रधान संजीव ठाकुर व सदस्य कमल सरदाना ने बताया कि उनके क्लब की ओर से हर साल माता गुजर कौर व साहिबजादों के शहीदी दिवस पर हर साल रक्तदान शिविर लगाया जाता है। ठंड के बावजूद भी रक्तदाताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं रहती है।
पहली बार रक्तदान करने का मौका मिला है। इससे सुई चुभने का डर निकल गया है। अब नियमित रूप से रक्तदान करने की कोशिश करूंगा। रक्तदान करके वास्तव में मन को अच्छा महसूस होता है। -कृष्ण कुमार, रक्तदाता।
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गांव कुलां में रक्तदान शिविर लगने की जानकारी मिली तो मैं भी रक्तदान करने पहुंच गया। पहले कभी रक्तदान नहीं किया था। अब अच्छी शुरुआत हो गई है। सुकून है कि मेरे रक्त से किसी का भला होगा।
-विनोद कुमार, रक्तदाता।
पहली बार रक्तदान करके खुशी महसूस हो रही है। मानवता के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी बनती है इसलिए कोशिश करूंगा कि भविष्य में नियमित रक्तदाता के रूप में अपनी सेवाएं दे सकूं।
-निखिल गर्ग, रक्तदाता।
मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैंने रक्तदान जैसे मानव सेवा के काम में अपना योगदान दिया है। सुना है कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जिंदगी बचा सकता है। कोशिश करूंगा कि आने वाले समय में भी रक्तदान करता रहूं।
-श्यामलाल, रक्तदाता।
रक्तदान अभियान से जुड़ने का कई दिन से मन में था। अमर उजाला फाउंडेशन व लायंस क्लब के इस शिविर में रक्तदान करने का अवसर मिल गया। बड़ा अच्छा लग रहा है। दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करूंगा।
-सुरेंद्र कुमार, रक्तदाता।
नवलीन भाटिया ने किया 66वीं बार रक्तदान
टोहाना निवासी कोऑपरेटिव सोसायटी के सब इंस्पेक्टर नवलीन भाटिया ने भी शिविर में 66वीं बार रक्तदान किया। उनका जज्बा ऐसा था कि वह करीब 20 किलोमीटर दूर से स्पेशल रक्तदान करने के लिए शिविर में पहुंचे। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। खून फैक्टरी में नहीं बन सकता है। यह तो रक्तदान से ही संभव है। इसी सोच के साथ वह नियमित रूप से रक्तदान करने में लगे हुए हैं।
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