फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग एनएचएम कर्मचारियों पर जियो फेंसिंग अटेंडेंस सिस्टम लागू करने जा रहा है। इससे डॉक्टर व कर्मचारी की लोकेशन का पता चल पाएगा। आम लोग जानकारी जुटा पाएंगे कि स्वास्थ्य केंद्र में संबंधित डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद है या नहीं है। जिले के करीब 430 कर्मचारियों पर इसका असर पड़ेगा।
एनएचएम कर्मचारियों ने इसका विरोध किया है और उनका कहना है कि किसी भी विभाग में यह सिस्टम लागू नहीं है। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन भी इसका विरोध पहले कर चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि इस प्रणाली में कर्मचारी को मोबाइल डाटा एप्लीकेशन के आधार पर ट्रेक किया जाएगा जो कि निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
एप से जुड़े साइबर क्राइम का भी खतरा है। कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध जताते हुए कहा कि कोई भी एनएचएम कर्मचारी जियो फेंसिंग अटेंडेंस सिस्टम के लिए अपना डाटा साझा नहीं करेगा। अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो संघ द्वारा जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर डॉ. विष्णु मित्तल, पूनम, बिमल, कपिल, सुशील, नरेश, कुलदीप, राजेंद्र जांगड़ा, सुनील, वीना, संदीप बोरा, सतबीर आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
-जिले में एनएचएम के तहत तैनात कर्मचारी
अस्पताल कर्मचारी तैनात
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 73
उप नागरिक अस्पताल रतिया 30
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 35
सीएचसी भूना 38
सीएचसी भट्टूकलां 67
सीएचसी जाखल 51
सीएचसी भूथनकलां 60
सीएचसी बड़ोपल 26
सीएमओ कार्यालय 25
जिला आयुर्वेदिक कार्यालय 13
यूपीएचसी फतेहाबाद 12
कर्मचारियों ने उप सिविल सर्जन को दिया ज्ञापन
एनएचएम कर्मचारियों पर जियो फेंसिंग अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के फरमान का स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ ने विरोध किया है। इसको लेकर संघ का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा के नेतृत्व में सिविल सर्जन से मिला। उन्हें एनएचएम मिशन निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर सिस्टम लागू करने पर असहमति जताते हुए इसको तुरंत वापस लेने की मांग की है।
नहीं मिल रहे लाभ
संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से एनएचएम कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सीएम और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लागू सेवा नियमों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया है। कर्मचारियों के 5 वर्ष और 10 वर्ष के ऊपर मिलने वाले लाभों को रोक दिया है। जिनको 26 जून 2024 के बाद वेतन वृद्धि मिली थी, उसे भी वापिस ले लिया गया है। कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि तथा महंगाई भत्ते की किस्त भी नहीं दी जा रही।