अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के रिजल्ट फतेहाबाद जिले के लिए मिले-जुले रहे हैं। फतेहाबाद जिला मुख्यालय की रैंकिंग में तो पिछले साल के मुकाबले 14 अंकों का सुधार हुआ है, लेकिन जिले के बाकी तीनों निकाय इस बार स्वच्छता रैंकिंग में बुरी तरह पिछड़े हैं।
फतेहाबाद शहर की बात की जाए तो पिछले साल फतेहाबाद शहर की रैंकिंग 191 थी जो इस बार सुधर कर 177 हो गई है। हालांकि ये बहुत ज्यादा सुधार नहीं कहा जा सकता, लेकिन अगर जिले के बाकी निकायों का हाल देखें तो निश्चित तौर पर फतेहाबाद नगर परिषद की ओर से बेहतर प्रयास कहे जा सकते हैं। इस बीच फतेहाबाद नगर परिषद के लिए एक बेहतर खबर निकलकर आई है कि मौजूदा परिस्थितियों में फतेहाबाद नगर परिषद एक लाख से कम जनसंख्या वाले वर्ग में पूरे प्रदेश में दूसरे नंबर पर पहुंची है। पहले नंबर पर सोहना नगर परिषद है।
कचरा प्रबंधन प्लांट का ना होना अखरा, नहीं तो ओवर ऑल टॉप टेन में होते शुमार
नगर परिषद के स्वच्छ भारत मिशन के सूत्रों की मानें तो इस बार फतेहाबाद की रैंकिंग को कचरा प्रबंधन प्लांट के अभाव ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कचरा प्रबंधन प्लांट के सीधे एक हजार नंबर होते हैं, जो फतेहाबाद के कट गए हैं। अगर ये एक हजार नंबर जुड़ जाते तो फतेहाबाद ओवरऑल रैंकिंग में प्रदेश के टॉप टेन में शुमार हो सकता था। अब चूंकि कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर हो चुका है। अगर अधिकारी इसे गंभीरता और प्राथमिकता से लेते हुए कचरा प्रबंधन प्लांट को एक साल में शुरू करवा देते हैं तो अगले साल फतेहाबाद का टॉप टेन में आने का सपना भी पूरा हो सकता है।
इन वजहों से सुधरी फतेहाबाद की रैंकिंग
1. स्वच्छ भारत मिशन की टीम का नियमित चेक
2. कचरा कलेक्शन के लिए टाटा ऐस गाड़ियों का प्रयोग शुरू होना
3. शहर के शौचालयों की सुधरी हालत और ओडीएफ प्लस का तमगा मिलना
4. शहर की नियमित सफाई सही तरीके से और समय से होना
5. शहर से अधिकतर कचरा कलेक्शन प्वाइंट्स का खत्म होना
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भूना और रतिया नगर पालिकाओं में लगभग दुगने अंकों की गिरावट
जिले में फतेहाबाद नगर परिषद के बेहतर प्रदर्शन को साइड कर दें तो स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 जिले के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। फतेहाबाद के अलावा बाकी तीनों नगर निकाय इस बार स्वच्छता रैंकिंग में बुरी तरह फेल साबित हुए हैं। तीनों ही नगर निकाय संस्थाओं ने पिछले साल की रैंकिंग के मुकाबले भी काफी डाउन रेटिंग हासिल की है। इसमें भी भूना और रतिया नगर पालिका का तो भट्ठा ही बैठ गया है जबकि टोहाना से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद के बावजूद हालात और बदतर हुए हैं। इस बार टोहाना की रैंकिंग 329 हो गई है जबकि पिछले साल ये 289 थी। इसी तरह रतिया का तो और बुरा हाल है। रतिया की रैंकिंग इस बार 984 हो गई है जबकि पिछले साल यही रैंकिंग 612 थी। भूना का हाल भी खराब ही है। भूना की इस साल स्वच्छता रैंकिंग 175 से गिरकर 391 हो गई है।
वर्जन
स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 का रिजल्ट आ गया है। फतेहाबाद शहर की रैंकिंग पहले से 14 अंक सुधरी है लेकिन बाकी तीनों नगर निकाय इस बार काफी खराब रिजल्ट के साथ और नीचे गिरे हैं। उम्मीद है कि अगली बार हमारी हालत सुधरेगी।
कुमार सौरभ, इंचार्ज स्वच्छ भारत मिशन, फतेहाबाद।