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कारण बताओ नोटिस को क्लीयर करने की एवज में खाद्य आपूर्ति विभाग का सुपरीडेंट मांग रहा था दस हजार, रंगे हाथ काबू -

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। हिसार विजिलेंस की विशेष टीम ने मंगलवार दोपहर बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह को गांव मेहूवाला के एक डिपो होल्डर के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस को क्लीयर करने की एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। विजिलेंस ने लघु सचिवालय द्वितीय में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बीडीपीओ सोमबीर कादियान ने कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट की भूमिका निभाई।
विजिलेंस को दी शिकायत में गांव मेहूवाला निवासी रविंद्र ने बताया था कि उसका गांव मेहूवाला में ही एक राशन डिपो है। उसके डिपो की छत कच्ची है जिसके कारण बारिश के दिनों में अक्सर पानी टपकता था। इसके चलते उसने साथ लगती दुकान में राशन डिपो को शिफ्ट कर लिया था। रविंद्र ने बताया कि बिना जानकारी डिपो की लोकेशन बदलने के चलते सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद वह विभाग के कार्यालय जाकर चतर सिंह से मिला तो उसने पैसों की डिमांड की। रविंद्र ने बताया कि इसके बाद जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तो कुछ दिन बाद सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह ने उसे दोबारा कारण बताओ नोटिस जारी करके व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के लिए कहा। डिपो होल्डर रविंद्र का आरोप है कि जब वह दोबारा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय गया तो चतर सिंह ने उससे एक बार फिर दस हजार रुपये की मांग की और उसे आश्वासन दिया कि ना केवल उसकी कारण बताओ नोटिस का मामला हटा दिया जाएगा, बल्कि आगे भी उसकी मदद की जाएगी। इस पर उसने एक-दो दिन का वक्त मांगा और हिसार विजिलेंस को मामले की सूचना दी।
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शिकायत मिलते ही हिसार विजिलेंस के इंस्पेक्टर सुभाष ने मंगलवार दोपहर को डीसी डा. जेके आभीर को मामले की सूचना दी। इसके बाद डीसी डा. आभीर ने बीडीपीओ सोमबीर कादियान को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर छापेमारी टीम का इंचार्ज बनाकर भेजा। द्वितीय लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल पर स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अपने कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह अपनी सीट पर बैठा था। विजिलेंस टीम ने पहले शैडो विटनेस राजेंद्र पटवारी को कार्यालय में भेजा। इसके बाद शिकायतकर्ता रविंद्र को पाऊडर लगे दो-दो हजार के पांच नोट पकड़ा दिए जो उसने कार्यालय में जाकर चतर सिंह को थमा दिए। चतर सिंह ने रविंद्र से दस हजार रुपये लेकर उसे पास में रखी एक फाइल में डाल दिए। इसके तुरंत बाद विजिलेंस टीम ने छापा मारकर सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह को पकड़ लिया और उसके पास रखी फाइल में से पाउडर लगे नोट बरामद कर लिए। मौके पर ही आरोपी सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह के हाथ धुलवाए गए तो उसके हाथ लाल हो गए। विजिलेंस टीम आरोपी सुपरिंटेंडेंट चतर सिंह को कब्जे में लेकर पंचायत भवन स्थित विजिलेंस के स्थानीय कार्यालय में ले गए। जहां पर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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