अमर उजाला ब्यूरो
भूना/फतेहाबाद।
भूना नगरपालिका की चेयरमैन राखी वाल्मीकि के खिलाफ 14 पार्षदों ने बगावत का बिगुल बजा दिया है। 15 में से 14 पार्षदों ने मंगलवार को चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीसी कार्यालय जाकर उपायुक्त को शपथ पत्र सौंपे। इसके बाद भूना में राजनीतिक भूचाल के चलते भाजपा के लिए संकट पैदा हो गया है, क्योंकि वर्तमान में चेयरमैन भाजपा समर्थक हैं। जबकि अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों में अधिकतर कांग्रेस के समर्थित पार्षद हैं। अगर पार्षद की कुर्सी जाती है तो भाजपा के लिए घातक होगा। हालांकि भाजपा के भी दो गुट होने के पीछे चेयरमैन को हटाने की मुहिम इसका कारण बनी हुई है। कांग्रेसी पार्षदों ने इसका उठाकर भाजपा को मात देने के लिए दमखम लगा दिया है।
इन पार्षदों ने दिए शपथ पत्र
चेयरमैन राखी वाल्मीकि के खिलाफ जिन पार्षदों ने शपथ पत्र दिए हैं उनमें वार्ड नंबर 1 के पार्षद नरेंद्र सिंह बागड़ी, वार्ड नंबर 2 से भूपेंद्र कौर, 3 से एडवोकेट प्रवीन राणा, वार्ड नंबर 4 से मीना सरबटा, वार्ड नंबर 6 से ओमप्रकाश कंबोज, वार्ड नंबर 7 से डाक्टर कश्मीरी लाल कंबोज, वार्ड नंबर 8 से वाइस चेयरमैन अनिल नढ़ा, वार्ड नंबर 9 से रिम्पी सोनी, वार्ड नंबर 10 से प्रवीन जैन, वार्ड नंबर 11 से सुदेश ग्रोवर, वार्ड नंबर 12 से सुदेश दहिया, वार्ड नंबर 13 से सरोज बाला, वार्ड नंबर 14 से नीलम गर्ग व वार्ड नंबर 15 से रहीश उर्फ रिसल कुमार शामिल हैं। नगर पालिका भूना में महिला अनुसूचित जाति आरक्षित सीट होने के कारण चेयरमैन राखी वाल्मीकि को भाजपा समर्थित 9 पार्षदों ने 25 मई 2016 को मतदान के द्वारा कुर्सी पर बिठाया था। जबकि कांग्रेस समर्थक सुदेश ग्रोवर को मात्र 6 वोट मिले थे।
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चेयरमैन को कई विवादों का सामना करना पड़ा
राखी वाल्मीकि को अपने चेयरमैन के दौरान कई विवादों का सामना करना पड़ रहा है। अफसरशाही उन पर हावी होने के कारण पार्षदों का असंतुष्ट होना भी इसका एक कारण बना। क्योंकि कुछ दिन पूर्व पालिका सचिव भूना में करोड़ों रुपये की जमीन एक समुदाय को धर्मशाला के लिए देना चाह रहे थे, मगर पार्षद इसके खिलाफ थे। क्योंकि भूना में ऐसे कई समुदायों को चौपाल बनाने के लिए जमीन पंचायत ने दी थी। नगरपालिका सचिव मात्र एक समुदाय को ही जमीन देने पर अड़े हुए थे और अन्य समुदायों को दर किनार कर रहे थे। इसलिए भाजपा नेताओं के दबाव में बार-बार नगरपालिका सचिव ने एजेंडा बैठक बुलाई। जिसमें डी-प्लान की ग्रांट मंजूर करने का हवाला देकर उपरोक्त समुदाय को पार्षद हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास करके जमीन देना ही मात्र एक उद्देश्य था। तभी से लेकर आज तक पार्षदों में खींचतान चल रही है। उसी को लेकर 14 पार्षद चेयरमैन के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। चेयरमैन अकेली रह जाने के कारण अब राजनैतिक आकाओं पर भरोसा रखे हुए हैं।
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मीना सरबटा को दिया समर्थन
भाजपा का एक बड़ा गुट वार्ड नंबर-13 से सरोज बाला को चेयरमैन बनाने के लिए प्रयास कर रहा था। किंतु भाजपा नेताओं की इस कोशिश को धत्ता बताते हुए सभी नाराज 14 पार्षदों ने मीना सरबटा को चेयरमैन के लिए उम्मीदवार चुन लिया है। जबकि सरोज बाला भी मीना सरबटा के साथ खड़ी हुई है। उपायुक्त अगर अविश्वास प्रस्ताव बैठक बुलाते हैं तो ऊंट किस बल करवट बदलेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। मगर फिलहाल असंतुष्ट खेमे से चेयरमैन अकेली पड़ गई है।
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करोड़ों के प्रोजेक्ट भूना में आने से घबरा गए थे कांग्रेसी पार्षद: चेयरपर्सन
नगरपालिका की चेयरपर्सन राखी वाल्मीकि ने बताया कि भाजपा सरकार में करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट भूना शहर में आए हैं। जिसमें कांग्रेसी पार्षदों की नींद हराम हो गई थी। उपरोक्त कांग्रेसियों ने हमारे पार्षदों को भी गुमराह किया है। मगर समय आने पर उनके समर्थित पार्षद साथ होंगे। कुछ पार्षद भाजपा सरकार में मलाई खाना चाह रहे थे। जो उन्हें नहीं मिल पाई। इसलिए वे उनके खेमे में सेंध लगाकर कुर्सी से हटाने के लिए मुंगेरी लाल के सपने ले रहे हैं।
जिला परिषद में भी हुई थी भाजपा की किरकरी
जिला परिषद फतेहाबाद की चेयरपर्सन के प्रतिनिधि कृष्ण नांगली ने भी भाजपा सरकार से असंतुष्ट होकर इनेलो का दामन थाम लिया था। जबकि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला द्वारा उन्हें जिला परिषद पद पर गीता नांगली को बड़े प्रयासों के बाद बिठाया था। किंतु कुछ दिन पहले ही उनके पति ने इनेलो का दामन थाम करके प्रदेशाध्यक्ष को करारा झटका दे दिया था। अब भूना में भी अगर चेयरपर्सन राखी वाल्मीकि को पद से हटाया जाता है तो सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के लिए भी बड़ा झटका होगा।