अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
केंद्र और प्रदेश सरकार ने गरीब लोगों की थाली पर डाका डाल दिया है। क्योंकि जिले के राशन कार्ड होल्डरों को राशन डिपो पर मिलने वाली सस्ती चीनी पर रोक लगा दी गई है। अब राशन कार्ड धारक इन राशन डिपो से सस्ती चीनी नहीं खरीद सकेंगे। केरोसीन की बिक्री पर सरकार पहले ही रोक लगा चुकी है। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के उस फैसले के बाद सस्ती सरकारी चीनी पर प्रतिबंध लगाया है। जिसमें केंद्र सरकार ने अपने कोटे की चीनी राशन डिपो पर भेजने से इंकार किया था। केंद्र के इंकार के बाद राशन कार्ड धारकों की नजर सरकार पर बनी हुई थी कि प्रदेश सरकार उन्हें सस्ती चीनी मुहैया करवाएगी, लेकिन एक ताजा फैसले में प्रदेश सरकार ने भी राशन डिपो पर सस्ती चीनी देने से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं।
डिपो पर राशन के नाम पर मिलेगा सिर्फ गेहूं और छिलके वाली दाल
राशन डिपो पर चीनी की बिक्री पर रोक के बाद अब गरीबों को राशन के नाम पर महज गेहूं और छिलके वाली दाल ही मिला करेगी। सरकार ने केरोसीन तेल की बिक्री पर भी रोक लगा दी है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि उज्ज्वला योजना के तहत सरकार गरीब आदमी को रसोई गैस उपलब्ध करवा रही है, तो गरीब परिवार को केरोसीन की जरूरत नहीं है। हालांकि केरोसीन पर रोक लगाने से पहले सरकार ने किसी प्रकार से राशन कार्ड धारकों से उनकी पसंद-नापसंद के बारे में नहीं पूछा। वैसे भी जिले में अभी भी काफी परिवार ऐसे हैं जिनके घर उज्ज्वला योजना का लाभ अभी तक नहीं पहुंचा है।
डिपो में जिन्हें चीनी मिल रही थी साढ़े 13 रुपये किलो, अब 42 रुपये में खरीदेंगे
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के औपचारिक आंकड़ों को आधार बनाएं तो फतेहाबाद जिले में कुल 2 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक हैं। नियमानुसार एक लाख 8 हजार कार्ड धारक ही सस्ते राशन के लिए उपयुक्त हैं। इन एक लाख 8 हजार लोगों को ही मिलने वाली चीनी पर रोक लगा दी गई है। अब इन एक लाख 8 हजार कार्ड धारकों को पहले सरकारी चीनी महज साढ़े 13 रुपये प्रति किलो की दर से मिलती थी। लेकिन अब जब चीनी बंद की दी गई है तो गरीब परिवारों को यही चीनी अब खुदरा बाजार से 42 रुपये प्रति किलो खरीदनी पड़ेगी। इसके अलावा कार्ड धारकों को दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं दिया जाता है और 20 रुपये प्रति किलो की दर से दाल मिलती है।
सभी प्रकार के कार्ड धारकों को राशन डिपो पर मिलने वाली सरकारी चीनी बंद कर दी गई है। सरकार के आदेश पर ये कदम उठाया गया है। नई योजना आने की संभावना है। संभव है कि उसमें चीनी भी शुरू कर दी जाए।
अशोक बंसल, डीएफएससी, फतेहाबाद।
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गरीब की थाली पर डाका, राशन डिपो की सस्ती चीनी पर रोक
बाजार से खरीदनी होगी चीनी, केंद्र के बाद अब प्रदेश सरकार ने भी पीछे खींचे हाथ
जिले में पौने दो लाख के करीब राशन कार्ड उपभोक्ता
राशन के नाम पर अब महज गेहूं और छिलके वाली दाल उपलब्ध