फतेहाबाद।
एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं और स्वास्थ्य विभाग जिला मुख्यालय पर स्थिति संभालकर ही अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है। जबकि जमीनी हकीकत भयावह भी है। दरअसल एनएचएम हड़ताल के चलते फतेहाबाद से भट्टू के 18 किलोमीटर के रास्ते में एक भी गांव में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कर्मचारी तक उपलब्ध नहीं हैं। गांव मेहूवाला और ढिंगसरा के स्वास्थ्य सबसेंटर और डिलीवरी हट पर तो ताला जड़ने की नौबत तक आ चुकी है। कमोबेश कुछ ऐसे ही हालात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के गृहक्षेत्र टोहाना के गांवों में भी हैं। जल्द ही एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल न टूटी तो आने वाले दिन जिले के ग्रामीण इलाकों के लिए खासे मुश्किल साबित हो सकते हैं।
स्थान : ढिंगसरा स्वास्थ्य केंद्र
समय : दोपहर 1 बजकर 10 मिनट
हालात : मुख्य गेट खुला लेकिन हेल्थ सेंटर की बिल्डिंग के दरवाजे पर ताला लटका हुआ मिला। पूरे परिसर में एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं। साथ लगते ग्राम सचिवालय में कुछ लोग बैठे हैं। उनसे पूछा गया तो उनका जवाब था कि अस्पताल में कोई नहीं आया। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सब सेंटर होने के कारण यहां इतना वर्कलोड नहीं होता लेकिन प्रसूति कक्ष होने से स्पष्ट है कि यहां पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पड़ सकती है।
स्थान : मेहूवाला स्वास्थ्य केंद्र
समय : दोपहर एक बजकर 41 मिनट
हालात : ढिंगसरा की तरह मेहूवाला स्वास्थ्य केंद्र पर भी ताला लटका मिला। आसपास के ग्रामीणों से पूछा गया तो जवाब मिला कि वैसे तो यहां पर दो-तीन स्वास्थ्यकर्मी तैनात होते हैं लेकिन इन दिनों कम ही आ रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मेहूवाला स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन-चार माह से आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का टोल फ्री नंबर 108 कर दिया गया है लेकिन बावजूद इसके इस स्वास्थ्य केंद्र पर एंबुलेंस के लिए पुराना टोल फ्री नंबर 102 ही लिखा गया है, जिसे बदलने की जहमत तक नहीं उठाई गई है। इमरजैंसी स्थिति में ये लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
जिले में सवा चार सौ एनएचएम कर्मचारी, एएनएम और नर्सों के सहारे ही ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र
फतेहाबाद जिले में तकरीबन 430 एनएचएम कर्मचारी हैं जिनमें डेढ़ सौ के करीब एएनएम और 77 स्टाफ नर्स शामिल हैं। इन्हीं पर फतेहाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। लेकिन पिछले चार-पांच दिन से जारी हड़ताल के चलते इनमें से अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लगाने की नौबत आ चुकी है। अब इसी से अंदाजा लगाइये कि फतेहाबाद मुख्यालय से लेकर भट्टू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आधा दर्जन गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप्प हैं।
सीएमओ ने माना, ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है परेशानी
इस बारे में बात करने पर सीएमओ डॉ. मनीष बंसल ने ये माना कि एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कुछेक ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ी है। उन्होंने माना कि कुछ स्वास्थ्य केंद्र पर सिर्फ एनएचएम कर्मचारी ही तैनात थे। इसके अलावा नियमित कर्मचारियों की कमी भी परेशानी का एक बड़ा कारण है। नियमित कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।