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नगर परिषद टोहाना के अफसरों पर ठेकेदारों ने लगाए बड़े आरोप, 12 करोड़ के टेंडर रद्द करने की मांग

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
टोहाना नगर परिषद के ठेकेदारों ने नगर परिषद प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए हाल ही जारी हुए 12 करोड़ की लागत के टेंडर रद्द करने की मांग की है। ठेकेदारों ने इस संदर्भ में वीरवार को फतेहाबाद पहुंचकर उपायुक्त हरदीप सिंह को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, लेकिन उपायुक्त ने ये कहते हुए ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया कि वे इसके लिए उपयुक्त अधिकारी नहीं हैं। उन्होंने मिलने पहुंचे ठेकेदारों को सलाह दी कि वे इस मामले में नगर निकाय विभाग के निदेशक से मिलकर अपनी बात रखें। बाद में पत्रकारों से बातचीत में लघु सचिवालय पहुंचे टोहाना के ठेकेदारों ने इस मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के भतीजों की कथित संलिपता का आरोप भी जड़ा। हालांकि ठेकेदारों ने इस संदर्भ में औपचारिक शिकायत में इन आरोपों का कोई जिक्र नहीं किया। ठेकेदार अब इस मामले में कोर्ट में जाने की बात कह रहे हैं।
उपायुक्त से मिलने पहुंचे टोहाना के ठेकेदारों की अगुवाई कर रहे जिम्मी पाहवा ने आरोप लगाते हुए बताया कि 30 अक्तूबर को जिन टेंडरों के आवेदन मांगे गए थे, उन टेंडरों के आबंटन में नगर परिषद के अधिकारियों ने काफी गड़बड़ करते हुए कई ठेकेदारों के आवेदन ये कहते हुए रद्द कर दिए कि उनके कागज पूरे नहीं थे जबकि ठेकेदारों ने ई-टेंडर के चलते सभी कागजात पहले ऑनलाइन जमा करवाए और इसके बाद विभाग के सामने फिजीकल रूप में सामने रखे। ठेकेदारों का आरोप था कि जब ऑनलाइन उनके आवेदन जमा हो गए तो फिजीकल रूप में वही कागजात कम कैसे हो गए। ठेकेदार जिम्मी पाहवा ने नगर परिषद के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे मंदीप एवं जयदीप के दबाव में काम कर रहे हैं।
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ठेकेदार का आरोप था कि मंदीप की टाइल फैक्ट्री है, जिस ठेकेदार ने उनकी फैक्ट्री से टाइल लेने की हामी भर दी गई तो उसे टेंडर अलॉट कर दिया गया। जिन लोगों ने मंदीप-जयदीप से टाइलें लेने से इंकार कर दिया, अफसरों ने उनके टेंडर आवेदन रद्द कर दिए। इस बारे में बार-बार फोन करने के बावजूद जयदीप बराला से संपर्क नहीं हो सका। जबकि नगर परिषद टोहाना के कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रदीप हुड्डा ने ठेकेदारों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टेंडर आवेदनों की जांच विभाग की तकनीकी टीम करती है। जिन ठेकेदारों को टेंडर नहीं मिले हैं, वो अपनी खीझ मिटाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
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