अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना(फतेहाबाद)।
टोहाना में डेंगू से लोगों की जान जाने का क्रम जारी है। ताजा मामले में टोहाना के पार्षद राजू ठकराल के भाई नरेश ठकराल का शुक्रवार सुबह डेंगू से निधन हो गया। उनका हिसार के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। देर शाम चंडीगढ़ रोड स्थित स्वर्गाश्रम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संस्थाओं के लोगों ने भाग लिया। नरेश ठकराल के बेटे का भी वर्ष 2008 में डेंगू से ही निधन हो गया था।
इधर, डेंगू आशंकित मृतकों की संख्या का आंकड़ा पांच पहुंच चुका है। इससे पूर्व अशोक कुमार, मिलन भाटिया, आजाद नगर निवासी अमीरचंद गर्ग, समैण निवासी रोशनी देवी की भी मृत्यु हो चुकी है।
पार्षद राजू ठकराल ने बताया कि उनके बड़े भाई 57 वर्षीय नरेश ठकराल कपड़े की दुकान पर कार्य करते थे। एक सप्ताह पूर्व उन्हें बुखार हुआ था। उन्हें शहर में संगम अस्पताल में तीन दिन भर्ती रखा था। तीसरे दिन अस्पताल से छुट्टी मिलनी थी कि एकदम उन्हें उल्टी आ गई और चिक्तिसकों ने हायर सैंटर के लिए रैफर कर दिया। इसके बाद वे उन्हें हिसार ले गए जहां इलाज के दौरान खून आने से उनकी मृत्यु हो गई।
बेटे का भी हुआ था डेंगू से निधन
पार्षद ठकराल ने बताया कि नरेश के बड़े बेटे निशांत की भी वर्ष 2008 में डेंगू से मौत हुई थी। निशांत उस समय बाहरवीं कक्षा में क्षेत्र में टॉप आया था। 18 वर्ष की आयु में उसे कुछ दिन पूर्व बुखार हुआ था और डेंगू बुखार से ही उसकी मौत हुई थी। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी भाटिया नगर में 28 वर्षीय मिलन भाटिया की डेंगू से मौत हुई थी। इसके बाद से ही नरेश को बुखार हुआ था। उस समय पार्षद द्वारा प्रशासन पर फोगिंग न करने के आरोप लगाए थे। इस बारे में एसमएओ डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि वे लगातार राजू ठकराल के भाई के संपर्क में थे तथा उनकी मृत्यु डेंगू के चलते नहीं हुई है। उन्होनें बताया कि इसका कोई अन्य कारण हो सकता है।
टोहाना के तीन सौ घरों में मिला डेंगू का लारवा
टोहाना। शहर में संभावित डेंगू के लगातार बढ़ते मामले पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एक्शन में दिखाई दे रहा है। जिसके चलते विभाग की टीम शहर में सर्वे कर रही है। विभाग की इस टीम को एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग खुद लीड कर रहे हैं। अब तक 300 लोगों के घर लारवा मिलने पर उनको नोटिस दिए जा चुके हैं।
एसएमओ के अनुसार, सक्षम युवाओं की टीम भी जिला उपायुक्त के आदेश पर जल्द टोहाना में होगी, जिसके बाद से डेंगू जागरूकता अभियान में गति आएगी। इस दौरान लारवा मिलने पर विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए पर उसे दवा डाल कर नष्ट कर दिया। अगर कोई एक व्यक्ति लापरवाही करता है तो उसके परिवार के साथ व अन्य लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बन जाता है। उनकी टीम द्वारा लगातार डेंगू पर कंट्रोल को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र में पंजाब से ज्यादा की संख्या में मरीज आ रहे हैं। जिसके चलते टोहाना हाइलाइट हो रहा है।
एसएमओ ने बताया कि उनकी टीम लगातार सर्वे कर रही है और घरों में अधिकमर फ्रिज की ट्रे से लारवा मिल रहा है। जहां भी लारवा मिला है, उसे नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक क्षेत्र का दो बार सर्वे किया जा चुका है तथा 300 से अधिक लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।