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डेंगू-मलेरिया और स्वाइन फ्लू की चपेट में फतेहाबाद, रोजाना आ रहे ढाई सौ मरीज

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डेंगू-मलेरिया और स्वाइन फ्लू की चपेट में फतेहाबाद, रोजाना आ रहे ढाई सौ
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फतेहाबाद।
बदलते मौसम में फतेहाबाद को अनेक बीमारियों ने घेर लिया है। मुख्य रूप से डेंगू-मलेरिया, स्वाइन फ्लू और चिकनगुनिया के मरीज बहुतायत में अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में आने वाली ओपीडी के अनुसार अकेले फतेहाबाद शहर में ही रोजाना ढाई सौ मरीज रोजाना इन बीमारियों का उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। बाकी जिले को भी बीच में जोड़ दें तो ये आंकड़ा रोजाना चार सौ मरीजों तक जा सकता है। सबसे बड़ी वजह शहर में जगह-जगह फैली गंदगी को भी माना जा रहा है, कुछ इस मौसम से पहले स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त जगहों पर फोगिंग नहीं करवाई जिसके चलते डेंगू-चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

सरकारी के साथ साथ निजी अस्पताल भी मरीजों से भरे
बीमारियों का प्रकोप इस कदर है कि यहां सरकारी अस्पताल में ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की कतारें लगी हुई हैं। हालांकि यहां एक ही फिजीशियन है, लेकिन उसके पास भी रोजाना डेढ़ सौ के करीब मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में रोजाना 40 से 50 मरीज सिर्फ डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया के आ रहे हैं। टोहाना-जाखल केे इलाकों में स्वाइन फ्लू का ज्यादा प्रकोप बताया गया है। टोहाना के नागरिक अस्पताल में जहां रोजाना 75 से 80 मरीज विभिन्न बुखार के आ रहे हैं तो निजी अस्पतालों में ये संख्या और भी अधिक है। जाखल और टोहाना में तो स्वाइन फ्लू के दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसी तरह सरकारी आंकड़ों के अनुसार फतेहाबाद जिले में डेंगू के महज 40 केस ही बताए जा रहे हैं लेकिन ये आंकड़ा उन लोगों के ही हैं, जिनका टेस्ट सरकारी अस्पताल में हुआ है।
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ग्रामीण इलाकों में पढ़े-लिखे चिकित्सक ना होने से ज्यादा समस्या
फतेहाबाद जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में पढ़े-लिखे चिकित्सक ना होने से डेंगू-मलेरिया और स्वाइन फ्लू का ज्यादा प्रकोप है। गांवों में झोलाछाप चिकित्सक एवं नीम हकीमों के यहां भी मरीज उपचाराधीन हैं। बीते दिन फतेहाबाद में एक झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक पर मारे गए छापे के दौरान भी तकरीबन एक दर्जन मरीज उस झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक में एडमिट थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण हलकों में तो हालात और भी ज्यादा बुरे हैं।

ये हैं डेंगू के लक्षण
1. तेज बुखार होना
2. बदन दर्द होना
3. उल्टी आना ।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
1. खांसी लगातार आना
2. सांस चढ़ना
3. जुखाम और बुखार होना
मलेरिया के लक्षण
1. ठंड लगना और कंपकंपी छूटना
2. बुखार आना

ये रखें सावधानियां
1. बुखार आने की स्थिति में ज्यादा पेन किलर ना लें।
2. पानी और संभव हो तो नारियल पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं
3. हरी सब्जियां व फल का सेवन करें ।
4. पानी का जमाव ना होने दें ।
5. अपने आसपास सफाई रखें, गंदगी ना फैलाएं
6. तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें ।

बुखार आने पर घबराएं नहीं, सबका इलाज है। तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें। अपनी मर्जी के अनुसार दवाई ना लें। कोई लक्षण दिखे तो तुरंत जांच भी करवाएं ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके।
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- डॉ. अंशुल सहगल, एमडी, सहगल अस्पताल, फतेहाबाद ।

फिलहाल फतेहाबाद में डेंगू के चालीस के करीब केस हैं। स्वाइन फ्लू के ज्यादा मामले टोहाना-जाखल में मिले हैं। सफाई की कमी के चलते ऐसा होता है। फोगिंग लगातार करवा रहे हैं। जो मरीज मिले हैं, उनकी अच्छे से देखभाल की जा रही है।
- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।

16एफटीबीपी07 : फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में ओपीडी के लिए लगी मरीजों की लाइन ।
16एफटीबीपी06 : फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती मरीज ।
16एफटीबीपी05 : डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन, फतेहाबाद ।
16एफटीबीपी04 : डॉ. अंशुल सहगल, एमडी, सहगल अस्पताल, फतेहाबाद ।
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