फतेहाबाद। जिला प्रशासन ने सरकार की बिना अनुमति के काटी गई प्राइवेट कालोनियों को अवैध बताते हुए इन कॉलोनियों में बोर्ड लगाकर आम जनता को चेताया है कि वह इन कालोनियों में प्लाटों की खरीद न करे। यह कॉलोनियां बिना सरकार के सीएलयू लिए विकसित की गई है। यहां भवन निर्माण करना कानूनी अपराध है। प्रशासन ने कॉलोनाइजर को चेतावनी दी है कि वह कंट्रोल एरिया के बाहर कालोनी काटता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। जिला में अवैध रुप से चिह्नित की गई 31 कोलोनियां है जिन पर सख्ती की जा रही है। जिला नगर योजनाकार जेपी खासा ने पुष्टि करते हुए कहा कि जनता प्रोपर्टी डीलरों व कॉलोनाइजरों के बहकावे में ना आए, क्योंकि अवैध कालोनियों को गिराया भी जा सकता है।
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद में फतेहाबाद, रतिया, टोहाना व भूना कंट्रोल एरिया घोषित है जिसमें बिना सरकार की अनुमति लिए कालोनी विकसित करना, कृषि योग्य भूमि पर प्लाट काटना और वहां पर भवन निर्माण करना अपराध है। इसके बावजूद कॉलोनाइजरों ने सरकार की प्रवाह किए बिना कृषि योग्य भूमि पर कालोनियां काटकर जनता को बेच दी।
ये कॉलोनियां है शामिल
इनमें फतेहाबाद में न्यू हंस कालोनी, यमुना विहार, सिल्वर सिटी, रामनगर, मित्तल नगर, स्वामी नगर, कृष्णा कालोनी, कालीदास कॉलोनी, नारंग कालोनी, दुर्गा कालोनी, न्यू अग्रवाल कॉलोनी के अलावा भोडिया खेड़ा, बीघड़, दरियापुर व मताना गांव में कॉलोनियां उपलब्ध है। भूना में बाबा राणाधीर कालोनी, गणेश इंकलेव, न्यू गणेश इंकलेव, बाबा राम सम्मन, सन राइज स्कूल के सामने, कंबोज कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, हरि नगर, हनुमान नगर व सैनी कॉलोनी शामिल है। टोहाना में गुप्ता कॉलोनी, चंडीगढ़ रोड टोहाना, वक्फ बोर्ड के समीप गांधी कालोनी, मेडिकल इंकलेव, हनुमान नगर, रेलवे फाटक पार, पंजाबी बस्ती, कृष्णा कालोनी, न्यू क्षेत्र कालोनी, डांगरा रोड के समीप, एसटीपी के पास, मनियाना रोड के समीप, इंद्रा कॉलोनी के कुछ क्षेत्र में, शाही बाग हाल के साथ तथा जमालपुर व सिंबलवाला में कुछ कॉलोनियां शामिल है। जिला नगर योजनाकार जेपी खासा ने इन सभी कालोनियों के अलावा भूना, टोहाना, रतिया व फतेहाबाद की तहसील में बैनर चस्पा कर दिए हैं जिनमें इन कॉलोनियों का जिक्र है। जेपी खासा ने जनता को आगाह किया है कि वह इन कॉलोनाइजरों के झांसे में ना आए। उन्होंने कहा कि यह कालोनियां अवैध रुप से मुनाफा कमाने के लिए काटी गई है। अवैध कालोनी का निर्माण नियमानुसार गिराया जा सकता है। इसके अलावा कॉलोनाइजरों व भूमि मालिकों पर एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है। सरकार के निर्देश पर जिला नगर योजनाकार जेपी खासा ने सभी तहसील कार्यालयों में बैनर चस्पा कर तहसीलदारों को निर्देश दिए है कि वह इन कालोनियों की रजिस्ट्री न करेें क्योंकि यह अवैध है। असल में यह भूमि कृषि योग्य है।