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पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष महिला विरुद्ध अपराधों में आई कमी

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फतेहाबाद। जिले में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में साल 2018 की तुलना में इस साल में काफी कमी आई है। पिछले साल 1091 महिला हैल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के आंकड़ों के अनुसार जिले में रोजाना 6 महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हो रही थी वहीं इस साल में यह आंकड़ा घटकर 4 से भी कम हो गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि महिला हैल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों में से केवल 11 फीसदी मामले ही ऐसे हैं जिनमें केस दर्ज हुए हैं। बाकी के मामलों में या तो दोनों पक्षों में समझौता हो गया या पीड़िता ने खुद कार्रवाई नहीं करने का ब्यान दे दिया। केस दर्ज होने का प्रतिशत साल 2018 में 13 फीसदी था। जिले में महिला हैल्पलाइन नंबर पर आए फोन में से जहां साल 2018 में 2290 शिकायतों में से 268 केस दर्ज हुए थे। वहीं साल 2019 में नवंबर तक आई 1332 शिकायतों में से केवल 110 में ही केस दर्ज हुए हैं।
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2018 में आई 2290 शिकायतों में किस महीने दर्ज हुए कितने केस
महीना केस दर्ज
जनवरी 17
फरवरी 28
मार्च 29
अप्रैल 23
मई 10
जून 18
जुलाई 19
अगस्त 33
सिंतबर 30
अक्तूबर 26
नवंबर 21
दिसंबर 14
कुल 268
2019 में अब तक 1091 पर आई शिकायतें और दर्ज केस
महीना शिकायतें केस दर्ज
जनवरी 142 17
फरवरी 103 09
मार्च 108 13
अप्रैल 120 08
मई 128 11
जून 195 12
जुलाई 182 09
अगस्त 150 13
सिंतबर 117 09
अक्तूबर 74 03
नवंबर 83 06
कुल 1332 110
दुष्कर्म, छेड़छाड़ व दहेज प्रताड़ना के अधिक आ रहे मामले
महिला हैल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में सबसे अधिक मामलों में छेड़छाड़ और दुष्कर्म के अधिक मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कई मामलों में महिला घरेलू कलह से परेशान है। जबकि कई मामलों में ससुरालजनों द्वारा विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करना भी कारण है। इसके अलावा सबसे अधिक मामले महिलाओं और बच्चियों से अश्लील छेड़छाड़ के सामने आए हैं जिनमें महिला हैल्पलाइन पर कॉल की गई है।
इन कारणों के चलते कम दर्ज होते हैं केस
महिला हैल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों में जहां साल 2018 में 13 फीसदी केस दर्ज हुए वहीं इस साल केवल 11 फीसदी मामलों में ही केस दर्ज हुए हैं। इसका कारण यह है कि एक बार तो महिलाएं फोन करके शिकायत तो कर देती हैं लेकिन कई मामलों में आरोप सही साबित नहीं होते तो कई मामले घर के लोगों या रिश्तेदारों द्वारा पंचायत के माध्यम से निपटा दिए जाते हैं। जिस कारण ये मामले दर्ज नहीं हो पाते। इसके अलावा कई मामलों में पीड़िता खुद बयान देकर कार्रवाई नहीं करने की बात कह देती है जिस कारण केस दर्ज नहीं हो पाते।
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यूं समझिए.. कैसे दर्ज होती है 1091 नंबर पर शिकायत और कैसे होती है कार्रवाई
1091 नंबर महिला हैल्पलाइन नंबर है जिस पर कोई भी महिला यदि किसी भी प्रकार से प्रताड़ित हो रही है तो वह फोन कर अपनी समस्या बता सकती है। इस नंबर पर फोन करने पर महिला थाने में बने कंट्रोल रूम पर फोन आता है जहां महिला कर्मचारी फोन उठाकर पीड़िता से उसका नाम, पता, लोकेशन, फोन नंबर व उसकी समस्या पूछती है। इसके बाद महिला कर्मचारी संबंधित थाना प्रभारी को फोन कर पूरी जानकारी देती है तथा कार्रवाई करने को कहती है। इसके बाद संबंधित थाना प्रभारी पीड़िता के पास जांच कर्मचारी को भेजता है तथा कार्रवाई करने के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को देता है।
महिलाओं में आई जागरूकता तथा तुरंत कार्रवाई से अपराधियों में डर : एसपी
पुलिस विभाग द्वारा लगातार महिला हैल्पलाइन नंबर का प्रचार करने से तथा शिक्षा का स्तर बढ़ने के कारण महिलाओं में जागरूकता आई है। जिस कारण अब महिलाएं अपने विरुद्ध होने वाले अपराधों को छिपाने की बजाय उनकी शिकायत दर्ज करवाती हैं। इसके अलावा इन मामलों में पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई किए जाने के कारण भी अपराधियों में डर पैदा हुआ तथा महिला विरुद्ध अपराधों में कमी आई है। -विजय प्रताप सिंह, एसपी
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