भूना। मानसून से पहले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए चलाया जा रहा अभियानस्त्रोत : सरपंच
भूना। मानसून से पहले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ग्राम पंचायत नहला ने आबादी के बीच स्थित पिनाना जोहड़ को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उसकी खोदाई शुरू करा दी है। करीब 50 साल से कब्जे की चपेट में रहे इस जोहड़ की भूमि अब आधुनिक मशीनों से गहरी की जा रही है ताकि बारिश का पानी आसानी से संग्रहित हो सके और गांव में जलभराव की समस्या से राहत मिले।
ग्राम पंचायत के अनुसार खसरा नंबर 416 की करीब साढ़े चार एकड़ जोहड़ भूमि में से लगभग पौने दो एकड़ पर 24 परिवारों ने वर्षों पहले अवैध कब्जा कर रखा था। इनमें आठ परिवारों ने पक्के मकान बनाए हुए थे जबकि 16 परिवारों ने पशुओं के बाड़े, गोबर खाद व अन्य अस्थायी निर्माण कर रखे थे। पंचायत ने लगातार नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के प्रयास किए। सरकार के निर्देशों के बाद हुई कार्रवाई के चलते कब्जाधारियों ने स्वयं अतिक्रमण हटा लिया।
सरपंच कृष्ण कुमार ढिल्लों और ग्राम सचिव विक्रम सिवाच ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत तालाब की खोदाई कराने की योजना थी लेकिन क्षेत्र सेमग्रस्त होने और भू-जल स्तर अधिक होने के कारण आधुनिक मशीनों से खुदाई कराई जा रही है। लक्ष्य है कि मानसून से पहले तालाब को पर्याप्त गहरा कर वर्षा जल का अधिकतम संग्रह किया जाए। पंचायत का कहना है कि इस अभियान में ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है जिससे भविष्य में गांव को जलभराव से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
-
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जोहड़ों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका पुनर्जीवन करना जल संरक्षण और जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- ऋषभ सिंगला, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी