सुरेंद्र असीजा
फतेहाबाद। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के लिए सोमवार को अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। इस दौरान तैयारियों को लेकर कई खामियां देखने को मिली। परेड के दौरान न तो परेड कमांडरों के कदमताल मिल पा रहे थे और न ही बच्चों लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। समारोह अतिरिक्त उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुआ लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी के अलावा इस सरकारी समारोह में जिले का एक भी आला अधिकारी मौजूद नहीं था। हालांकि ये कार्यक्रम 15 अगस्त की तैयारियों के लिए ही था, लेकिन किसी भी अधिकारी के यहां न पहुंचने के चलते तैयारियों को अंतिम रूप देने में परेशानी दिखी। इसके अलावा कार्यक्रम में राष्ट्रध्वज के बाद परेड कमांडरों के कदमताल ना मिलने से पुलिस अधीक्षक ने सभी परेड कमांडरों की अलग से क्लास लगाई और दोबारा परेड का अभ्यास करने के निर्देश दिए। एडीसी जेके आभीर ने अधिकारियों को तलब कर उनसे कार्यक्रम की तैयारियों में तत्परता दिखाने को कहा है।
सोमवार सुबह स्थानीय पुलिस लाइन में सुबह 9 बजे एडीसी डा. जेके आभीर ने ध्वजारोहण किया। तत्पश्चात डीएसपी जोगिंद्र शर्मा की अगुवाई में एनसीसी, स्काऊट्स, डीएवी स्कूल, महिला पुलिस आदि की टुकड़ियों ने अतिथियों को सलामी देते हुए परेड शुरू की तो उनके कदम ताल आपस में ही बिल्कुल भी नहीं मिल रहे थे। ये नजारा देखकर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण काफी नाखुश दिखाई दिए और उन्होंने इस बाबत कार्यक्रम के बाद सभी परेड कमांडरों को अलग से ले जाकर अपने गुस्से का इजहार भी किया। इतना ही नहीं, उन्होंने सभी परेड कमांडरों को निर्देश दिए कि वे तुरंत दोबारा रिहर्सल शुरू कर दें।
बच्चों को न पीने को पानी मिला, न खाना
कार्यक्रम के दौरान भीषण गर्मी के चलते बच्चों के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। हालांकि समारोह स्थल के पीछे मोबाइल वाशरूम की व्यवस्था तो थी, लेकिन पेयजल कहीं दिखाई नहीं दिया। मंच संचालन कर रही एमएम कालेज की प्रोफेसर गीतू व डाइट के प्रवक्ता सोमप्रकाश ठकराल ने पानी के लिए पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को कई बार आवाज दी लेकिन कोई नहीं पहुंचा। यही बात बार-बार एसपी दीपक सहारण भी मंच संचालकों को कहते नजर आए। लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया। रिफ्रेशमेंट की बात पर भी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का नाम पुकारा गया तो उनके अधिकारी भी कार्यक्रम से नदारद दिखे। इसी तरह लोकनिर्माण विभाग व बिजली निगम के अधिकारी भी कार्यक्रम में नहीं दिखे तो उच्चाधिकारियों का गुस्सा आसमान पर पहुंच गया। कार्यक्रम सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर सम्पन्न होना था, लेकिन अधिकारियों के गुस्से को देखते हुए महज 15 मिनट पहले ही पानी का टैंकर बच्चों के लिए पहुंच पाया। जिसके बाद जाकर बच्चों को कुछ राहत मिली। रिफ्रेशमेंट के लिए भी कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद एक चपड़ासी लड्डुओं का थैला लेकर कार्यक्रम स्थल की ओर जाता देखा गया। लेकिन उससे पहले ही अधिकतर बच्चे निकल चुके थे।
बसों के इंतजार में आधे घंटे तक सड़क पर खड़े रहे बच्चेे
स्वतंत्रता दिवस समारोह की फाइनल रिहर्सल के लिए निजी स्कूलों के बच्चों को तो उनकी स्कूल वैन अपने साथ लेकर चली गई लेकिन कार्यक्रम में पहुंचे विभिन्न सरकारी स्कूलों के बच्चों को वापस पहुंचाने वाली बसें बिना बच्चों को लिए ही निकल गई। जिसके चलते दर्जनों बच्चे पुलिस लाइन के बाहर सड़क पर इंतजार करते दिखे। बाद में एडीसी डा. आभीर के दखल के बाद रोडवेज बस में बच्चों को उनके स्कूल तक पहुंचाया गया।
वर्जन
स्वतंत्रता दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान व्यवस्था में अनेक खामियां नजर आई हैं। अनेक अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचे थे, उन्हें कार्यक्रम की गंभीरता समझा दी गई है और इसके अलावा पेयजल व रिफ्रेशमेंट का कार्यक्रम के दौरान विशेष ध्यान रखा जाएगा।’
- डा. जेके आभीर, अतिरिक्त उपायुक्त फतेहाबाद।