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रतिया नपा की करोड़ों रुपयों की जमीन पर कब्जे का लगाया आरोप

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अमर उजाला ब्यूरो
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रतिया।
नए बस स्टैंड के पीछे नगरपालिका की करोड़ों रुपये की जमीन पर विवादित दुकानों पर कुछ लोगों द्वारा रविवार को निर्माण कार्य शुरू कर देने से विवाद पैदा हो गया। नगर पार्षदों ने इसकी सूचना नगरपालिका के अधिकारियों को दी, लेकिन रविवार होने के कारण नपा के अधिकारियों की गैर मौजूदगी में पार्षद इसकी शिकायत लेकर सदर थानाध्यक्ष कपिल सिहाग से मिले। परंतु सचिव की तरफ से कोई लिखित शिकायत न होने के कारण पुलिस अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। बाद में पार्षदों ने अधिकारियों व पुलिस द्वारा सहयोग न करने व करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा होने की पूरी जानकारी जिला उपायुक्त को दी। उपायुक्त ने तुरंत रतिया एसडीएम को मौके पर जाकर निर्माण कार्य रूकवाने के आदेश दिए। उपायुक्त के निर्देशों के बाद एसडीएम ने पुलिस फोर्स की सहायता से निर्माण रूकवा दिया। इसके बाद उपायुक्त देर शाम रतिया पहुंचे व पार्षदों व भाजपा नेताओं से जानकारी लेकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुखविन्द्र गोयल, पार्षद भूपेंद्र सैनी, हरजिन्द्र सोनी, भाजपा नेता व पार्षद प्रतिनिधि कपिल सिंगला, बजंरग गर्ग आदि ने उपायुक्त को शिकायत पत्र लेकर बताया कि रतिया के नए बस स्टैंड के पीछे नगरपालिका की लाल डोरे की करोड़ों रुपये की जमीन पर नपा ने कुछ समय पहले दुकानों का निर्माण करना शुरू कर दिया था, लेकिन सुरेंद्र कुमार उर्फ सन्नी ने 16 जून 2017 को नगरपालिका के खिलाफ एक केस दायर किया था जिसमें न्यायालय ने स्टेटस को दे दिया था। पार्षदों ने आरोप लगाया कि इसी केस में न्यायालय ने 10 मई 2018 को नगरपालिका की दुकानों के निर्माण के केस में अंतिम निर्णय आने तक किसी प्रकार के कार्य करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुरेंद्र कुमार द्वारा अदालत के आदेशों की अवहेलना कर 11 मई को नपा की निर्माणाधीन दीवारों को गिराने की कोशिश की गई थी। जिस पर नपा सचिव ने 11 मई को ही सुरेंद्र कुमार के खिलाफ थाने में शिकायत दे दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि रविवार को फिर सुरेंद्र उर्फ सन्नी ने नगरपालिका की दुकानों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। पार्षदों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना नगरपालिका सचिव को दे दी थी, लेकिन रविवार होने के कारण वह मौके पर नहीं आ सके । जिसके कारण बाद में उन्होंने इसकी सूचना सदर थाने में जाकर सदर थाना प्रभारी को दी, लेकिन पुलिस ने सचिव की बिना लिखित शिकायत से कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इसके बाद डीसी को इसकी शिकायत की गई तो डीसी ने एसडीएम को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रूकवा दिया। उपायुक्त देर शाम खुद भी रतिया पहुंचे और पार्षदों से बातचीत की।
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उपायुक्त हरदीप सिंह ने इस मामले में बताया कि रतिया के पार्षदों ने नपा की करोड़ों रुपयों की जमीन पर कब्जा करने व नपा अधिकारियों द्वारा सहयोग न करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने उक्त जमीन पर निर्माण कार्य रुकवा दिए हैं और नपा सचिव को रतिया में हुए अवैध कब्जे के मामलों को लेकर रिकार्ड सहित सोमवार को कार्यालय में तलब किया है। अगर नपा की जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए हैं तो उनकी विशेष जांच कर अवैध कब्जे छुड़वाए जाएंगे।
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