फतेहाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग ने बिना डॉक्टर के चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेंस सेंटर बना दिया है। इसमें जिला के 18 ग्रामीण पीएचसी और तीन अर्बन पीएचसी भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन पीएचसी पर जिला अस्पतालों की तरह 63 तरह के लैब टेस्ट की सुविधा होगी। ज्ञात हो कि जिला की एक भी पीएचसी पर डॉक्टर नहीं है। इस कमी को दूर करने के लिए विभाग ने अब सीएचओ भर्ती करने का फैसला लिया है। यानी विभाग एनएचएम स्कीम के तहत बीएएमएस डॉक्टर भर्ती करेगा। यहां पर सीएचओ यानी की कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर रखे जाएंगे। जो कि बीएएमएस डॉक्टर होंगेे। इसकी पुष्टि उप सिविल सर्जन डॉ. सुनीता सोखी ने की है। सोखी के मुताबिक इन डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग 30 हजार रुपये महीना देगा। अप्रैल में इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। सामान्य बीमारियों के लिए मरीजों को गांव में ही उपचार मिल जाएगा। उन्हें अपने जिला अस्पताल में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टेस्ट हेल्थ वेलनेस सेंटर पर मरीजों का डाटा पोर्टल पर दर्ज होगा।
इन पीएचसी पर नहीं है एक भी डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो-दो डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय के रिकार्ड के मुताबिक पीएचसी हिजरावां कलां, नागपुर, अहरवां, पीएचसी महमड़ा, पीएचसी हसंगा, पीएचसी भूथनकलां, पीएचसी, खैरातीखेड़ा, खाबड़ा कलां, पीएचसी बीघड़, पीएचसी समैन, मामुपुर, पीएचसी इंदाछुई, पीएचसी म्योंदकलां, पिरथला, झलनियां, एमपीरोही, पीएचसी नहला पर एक भी डॉक्टर नहीं है। यहां पर डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं।
जिन पीएचसी पर डॉक्टर हैं उन्हें जिला अस्पतालों में भेजा
पीएचसी झलनियां के डॉक्टर को भूना, पीएचसी कुलां की महिला डॉक्टर को जिला अस्पताल फतेहाबाद, पीएचसी मामुपुर की डॉक्टर को टोहाना, पीएचसी खैराती खेड़ा के डॉक्टर को जिला अस्पताल, पीएचसी अहरवां के डॉक्टर को रतिया, पीएचसी नागपुर के डॉक्टर को भी रतिया भेज रखा है।
वर्जन
गांवों और शहर की पीएचसी को हेल्थ वेलनेंस सेंटर बनाया जा रहा है। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए यहां पर बीएएमएस डॉक्टर भर्ती किए जाएंगे। यहां पर आने वाली ओपीडी का डाटा भी पोर्टल पर दर्ज होगा। गांव के मरीजों को सामान्य बीमारी के लिए जिला अस्पताल में आने की जरूरत न पड़े, इसलिए विभाग कदम उठा रहा है।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन फतेहाबाद।