फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में बेमौसम बरसे बदरा, साढ़े 8 एमएम बारिश से गेहूं की फसल को होगा फायदा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। जिले में शनिवार देर रात हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। यह बारिश जहां गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद माना जा रहा है वहीं पाला जमने का खतरा भी कम होने से सब्जियों को भी फायदा होगा। शनिवार देर रात को जिले में साढ़े 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। रात को बारिश होने के बाद रविवार सुबह से ही तेज धूप खिल गई तथा आमजन को पिछले करीब एक सप्ताह से पड़ रही घनी धुंध से भी राहत मिली। कृषि उपनिदेशक बलवंत सहारण ने बताया कि यह बारिश न सिर्फ गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है बल्कि अन्य फसलों के लिए भी लाभदायक है। उन्होंने बताया कि अब पाला नहीं जमेगा जिस कारण चौड़े पत्तों वाली फसलों सब्जियों आदि को कोई नुकसान नहीं होगा।
रतिया के गांव मगावाली के किसान रमेश चौहान ने बताया कि देर रात हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए बहुत अधिक फायदेमंद हैं। गेहूं के तने में अधिक फुटाव होगा वहीं तेले की बीमारी भी खत्म हो गई। अब किसानों को गेहूं में तेले की स्प्रे करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं भट्टूकलां में भी शनिवार देर रात हुई बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई। रविवार प्रात: ही ज्यो ही धूप खिली तो किसान अपने खेतों की ओर चल पड़े। जहां पर उनकी खुशी साफ झलक रही थी। पिछले कई दिनों से गेंहू की फसल में शुरुआती दौर के लिए सिंचाई की जरूरत थी। किसानों ने एक बार की सिंचाई तो कर दी, परंतु प्राकृतिक बरसात ने फसल में अचानक रौनक ही पैदा कर दी। गेहूं की फसल में इन दिनों कुछ पीलापन आने लगा था। इस बारिश को गेहूं, चना, सरसों आदि फसलों के लिए बहुत ही लाभदायक माना जा रहा है। बनमन्दोरी के किसान भरतसिंह सांवत व शीशपाल ने बताया कि यह बारिश किसान की फसल के लिए रामबाण सिद्ध हुई है। अधिकांश किसान अपनी गेहूं की उभरती फसल में प्रात: से ही यूरिया खाद डालने का काम जोरों से करने लगे हैं। वहीं दूसरी ओर भट्टू कस्बे में शनिवार रात को आई बारिश लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई। यहां उचित पानी निकासी न होने के कारण आदमपुर रोड़, रेलवे स्टेशन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के मुख्य मार्ग, हिसार रोड पर पानी भर गया। जिससे यात्रियों और आम राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई उठानी पड़ी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें