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छह माह पहले भाई पर लगाया था रेप का आरोप, अब अनाथालय में नाबालिग किशोरी ने किया सुसाइड का प्रयास

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छोटे बच्चे से झगड़े के बाद किशोरी ने अनाथालय में किया आत्महत्या का प्रयास
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कमरे में फंदा लगाने का प्रयास करते चौकीदार व महिलाकर्मी ने बचाया
बाल सरंक्षण कमेटी की सदस्य अस्पताल में बच्ची से की मुलाकात, एक दिन के लिए भेजा रिश्तेदारों के घर
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । सोमवार रात नौ बजे के करीब एक नाबालिग किशोरी ने माडल टाउन स्थित अनाथालय के कमरे में पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। अनाथालय के चौकीदार व महिलाकर्मी ने देखा तो शोर मचाया और उसे ऐसा करने से रोक दिया। सूचना मिलते ही अनाथ आश्रम के उपाध्यक्ष सुखचैन सिंह वहां पहुंचे और चौकीदार व महिलाकर्मी को साथ लेकर बच्ची को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। आत्महत्या का प्रयास करने वाली नाबालिग किशोरी लगभग छह माह पहले अपने बड़े भाई पर रेप करने का आरोप लगाया था। लेकिन बाद में अपने बयानों से ही मुकर गई थी। मामला सामने आने के बाद मंगलवार को बाल संरक्षण समिति की सदस्य उषा तनेजा व वीना भ्याना ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची से मुलाकात की और उसके बयान दर्ज किए। बच्ची ने क्या बयान दर्ज करवाए हैं, इस बारे में बाल संरक्षण समिति की सदस्यों ने गोपनीय करार देते हुए बताने से इनकार कर दिया।
नवजीवन अनाथालय के उपाध्यक्ष सुखचैन सिंह ने बताया कि सोमवार रात को महिला कर्मचारी के बच्चे के साथ खेल रही थी, इस बीच अचानक से उसका बच्चे के साथ झगड़ा हो गया और वो गुस्से में आकर कमरे के अंदर चली गई। कुछ पल के बाद महिलाकर्मी ने झांक कर देखा तो वह छत पर लगे पंखे पर फंदा बनाकर लटकने का प्रयास कर रही थी। ये देखते ही उसने शोर मचा दिया और उसे सूचित किया। सुखचैन ने बताया कि वो तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्ची से बात की। सुखचैन ने बताया कि उसे बच्ची ने कहा कि उसे अब यहां नहीं रहना, यहां रहेगी तो वो या तो खुद मर जाएगी, या छोटे बच्चे को मार देगी। ये सुनने के बाद सुखचैन, चौकीदार व महिलाकर्मी को साथ लेकर उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे।
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अस्पताल प्रशासन के बाद महिला थाना ने भी मदद से किया इनकार
सुखचैन सिंह ने बताया कि पहले वो बच्ची को लेकर नागरिक अस्पताल में पहुंचे और सारा मामला बताकर बच्ची को एडमिट करने को कहा। उनका आरोप है कि मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने बच्ची को ये कहकर एडमिट करने से इनकार कर दिया कि उसे कोई चोट नहीं है। सुखचैन ने बताया कि इसके बाद वो बच्ची को लेकर रात को ही महिला थाने भी गया था लेकिन वहां भी उसे कोई मदद नहीं मिली। पुलिसकर्मियों ने यह कहकर टरका दिया गया कि ये चाइल्ड केयर वालों का मामला है, उन्हें सूचित करो। उन्होंने बताया कि इसके बाद उसने सीडब्लयूसी की चेयरमैन व अन्य सदस्यों को भी फोन किया, लेकिन उस समय कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद सोमवार देर रात उसने उपायुक्त निवास पर पहुंचकर उपायुक्त जेके आभीर को मामले के बारे में सूचित किया तब जाकर अस्पताल में बच्ची को दाखिल किया गया।
कुछ समय पहले बच्ची को किया गया शिफ्ट
नाबालिग बच्ची के माता-पिता की मौत के बाद जब उसने अपने भाई पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे, तब प्रशासन ने उसे हिसार के शैशवकुंज बालगृह में भेजा था। कुछ समय के बाद मानसिक परेशानी के चलते उसे हिसार से फतेहाबाद के नवजीवन अनाथालय में शिफ्ट किया गया था। जबकि उसके छोटे भाई को इसी अनाथालय में पहले से ही रखा गया था। इस बीच अगस्त माह में बच्ची की बुआ उसके छोटे भाई को अपने साथ लेकर चली गई। सुखचैन के मुताबिक इसके बाद से बच्ची संभवत: ज्यादा परेशान हो गई और उसने ये कदम उठा लिया।
बाल संरक्षण समिति ने की काउंसलिंग
मंगलवार को मामले का पता चलते ही बाल संरक्षण समिति की दो सदस्य उषा तनेजा व वीना भ्याना नागरिक अस्पताल पहुंची। इस दौरान दोनों महिला सदस्य लगभग दो घंटे तक अस्पताल में बच्ची के साथ रही और उसकी काउंसलिंग की। इसके बाद बच्ची के आग्रह पर दोनों सदस्यों ने उसे एक दिन के लिए फतेहाबाद के अंदर रहने वाले रिश्तेदारों के घर भेज दिया।
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‘हमने बच्ची से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली है। बच्ची मानसिक रूप से थोड़ा परेशान है, इसलिए उसके कहने पर उसे रिश्तेदारों के घर एक दिन के लिए भेजा गया है। बुधवार को निर्णय लेंगे कि इस संदर्भ में आगे क्या किया जाए।
- उषा तनेजा, सदस्य, बाल सरंक्षण समिति फतेहाबाद ।

02एफटीबीपी22 : माडल टाऊन स्थित नवजीवन अनाथालय, जहां बच्ची को रखा गया था।
02एफटीबीपी23 : अनाथालय का वो कमरा, जिसमें बच्ची ने सुसाइड का प्रयास किया।
02एफटीबीपी24 : नागरिक अस्पताल में बच्ची से मिलने के लिए पहुंची बाल सरंक्षण कमेटी की उषा तनेजा व वीना भ्याना ।
02एफटीबीपी25 : सुखचैन सिंह, उपाध्यक्ष, अनाथालय ।
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